राजस्थान सरकार द्वारा अटल ई-गवर्नेंस राज्य स्तरीय अवार्ड 2022-23 एवं 2023-24 के लिए चयनित अधिकारियों की सूची जारी कर दी गई है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए नागौर जिले से दो अधिकारियों का चयन हुआ है।
- कुम्भाराम रेलावत, संयुक्त निदेशक, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, नागौर को डिस्ट्रिक्ट डेटा एनालिटिक्स सेंटर के लिए
- शिवदयाल बरवड़, सहायक प्रोग्रामर, कलेक्टर कार्यालय, नागौर को सिलिकोसिस केयर के लिए
28 मार्च को राजस्थान आईटी डे पर मिलेगा सम्मान
इन दोनों अधिकारियों को राजस्थान आईटी डे 2025 के अवसर पर 28 मार्च को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में यह सम्मान दिया जाएगा। यह पुरस्कार सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बेहतरीन कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है।
क्या है अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड?
राजस्थान सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए यह अटल ई-गवर्नेंस अवार्ड शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य प्रशासन में डिजिटल समाधान को बढ़ावा देना और सरकारी सेवाओं को आम जनता तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। इस पुरस्कार के अंतर्गत उन अधिकारियों और विभागों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत बेहतरीन कार्य किए हैं।
डिस्ट्रिक्ट डेटा एनालिटिक्स सेंटर: क्या है इसकी भूमिका?
कुम्भाराम रेलावत को डिस्ट्रिक्ट डेटा एनालिटिक्स सेंटर में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। यह सेंटर विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों और डेटा विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- सरकारी डेटा का विश्लेषण कर नीति निर्धारण में मदद करना
- विभिन्न योजनाओं की प्रगति की निगरानी
- प्रशासनिक निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाना
सिलिकोसिस केयर प्रोजेक्ट: जरूरतमंदों के लिए डिजिटल समाधान
शिवदयाल बरवड़ को सिलिकोसिस केयर प्रोजेक्ट के लिए यह सम्मान मिलेगा। सिलिकोसिस एक गंभीर फेफड़ों की बीमारी है, जो खदानों और पत्थर काटने के काम में लगे मजदूरों को प्रभावित करती है।
- इस डिजिटल प्रोजेक्ट के तहत:
- प्रभावित लोगों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया
- सरकारी योजनाओं के लाभ को डिजिटल तरीके से उन तक पहुंचाया गया
- मेडिकल हेल्प और मुआवजे की प्रक्रिया को आसान बनाया गया
जिला कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं
नागौर के जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने दोनों अधिकारियों को इस सम्मान के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार जिले के लिए गर्व की बात है और इससे प्रशासनिक सुधार व डिजिटल परिवर्तन को और अधिक बल मिलेगा।
ई-गवर्नेंस में राजस्थान की अग्रणी भूमिका
राजस्थान सरकार पिछले कुछ वर्षों से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में ई-मित्र, भामाशाह योजना, जन आधार कार्ड, ऑनलाइन सेवाएं, डिजिटल हेल्थ मिशन जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
ई-गवर्नेंस का भविष्य और नई संभावनाएं
आने वाले वर्षों में डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में और भी नए प्रयोग किए जाएंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बिग डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों का उपयोग सरकारी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने में किया जाएगा।
नागौर के कुम्भाराम रेलावत और शिवदयाल बरवड़ द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों ने जिले का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान उनके योगदान की सराहना करता है और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता है। आगामी 28 मार्च 2025 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में आयोजित होने वाले समारोह में जब इन अधिकारियों को यह पुरस्कार मिलेगा, तो यह नागौर जिले के लिए गर्व का क्षण होगा।