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30 Aug 2025, Sat

निक्षय मित्र बनकर मानवता की सेवा में योगदान दें: जिला कलक्टर

नागौर।

विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर, नागौर के जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने निक्षय मित्र बनकर टी.बी. रोगियों के पोषण में सहायता देने की पहल की। उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्रवण राव द्वारा किया गया। इसके साथ ही, जिला प्रमुख भागीरथ राम, मेड़ता विधायक लक्ष्मणराम कलरू, डेगाना विधायक अजयसिंह किलक और खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा ने भी निक्षय मित्र बनकर इस अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया।

निक्षय मित्र अभियान: टी.बी. मरीजों की मदद के लिए अपील

जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों से निक्षय मित्र बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को टी.बी. मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को इस दिशा में कार्य करना होगा।

कलक्टर पुरोहित ने बताया कि टी.बी. कोई असाध्य बीमारी नहीं है बल्कि यह पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर जांच और उपचार कराया जाए। सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच और उपचार उपलब्ध हैं। उन्होंने जागरूक नागरिकों से अनुरोध किया कि यदि किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक खांसी, बुखार या वजन कम होने की समस्या हो, तो उसे तुरंत अस्पताल जाकर जांच करवाने के लिए प्रेरित करें।

37 ग्राम पंचायतें हुईं टी.बी. मुक्त

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत नागौर जिले की 37 ग्राम पंचायतों को टी.बी. मुक्त घोषित किया जा चुका है। बाकी पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ने के लिए कार्य जारी है।

टी.बी. उन्मूलन के लिए जिले में घर-घर सर्वे, कम्युनिटी मोबिलाइजेशन, नारा लेखन, स्कूलों में भाषण प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, मीडिया प्रचार और काउंसलिंग जैसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं।

टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायत के 6 प्रमुख मानदंड

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्रवण राव के अनुसार, किसी ग्राम पंचायत को टी.बी. मुक्त घोषित करने के लिए 6 मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है:

  1. टी.बी. मामलों की नियमित जांच
  2. टी.बी. नोटिफिकेशन दर को बनाए रखना
  3. 85% से अधिक मरीजों का सफल इलाज
  4. ड्रग सस्पेक्टिबिलिटी टेस्ट की उपलब्धता
  5. कम से कम 60% मरीजों की हाइटेक मशीनों से जांच
  6. निक्षय पोषण योजना के तहत 100% मरीजों को सहायता

निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत, टी.बी. मरीजों को हर माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है, ताकि वे उचित पोषण प्राप्त कर सकें।

वर्ल्ड टी.बी. डे पर विशेष आयोजन

विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर, नागौर में सोमवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दिन टी.बी. मुक्त भारत और टी.बी. हारेगा – राजस्थान जीतेगा विषय पर जागरूकता रैली निकाली जाएगी।

इसके अलावा, नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

सामाजिक सहभागिता से ही संभव होगा टी.बी. मुक्त भारत

जिला कलक्टर अरूण कुमार पुरोहित ने कहा कि नागौर जिले को टी.बी. मुक्त बनाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। जब तक हर व्यक्ति इस अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा, तब तक इसे पूर्ण सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से निक्षय मित्र बनने और मानवता की सेवा में योगदान देने की अपील की।

“हमारा प्रयास, टी.बी. उन्मूलन की ओर एक मजबूत कदम।”

By VBT NEWS

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