राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मालासेरी डूंगरी को मिलेगा ऐतिहासिक विकास, भगवान श्री देवनारायण कॉरिडोर की प्रथम किस्त 48.73 करोड़ स्वीकृत । राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र स्थित पवित्र तीर्थस्थल मालासेरी डूंगरी एक बार फिर देशभर में सुर्खियों में है। इसका श्रेय जाता है भगवान श्री देवनारायण जी के 1111वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा इस धार्मिक स्थल की धर्मसभा में पधारने और देवनारायण कॉरिडोर की ऐतिहासिक घोषणा को। इस संपूर्ण पहल के लिए भाजपा के जिला मंत्री जसाराम गुर्जर (सुदवाड़) ने प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
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भक्ति, संस्कृति और विकास का संगम
जसाराम गुर्जर ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मालासेरी डूंगरी में आगमन केवल एक राजनीतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और विरासत को सम्मान देने की भावना से प्रेरित थी। उन्होंने भगवान श्री देवनारायण जी की नगरी में पधार कर उनके दर्शन किए और धर्मसभा को संबोधित कर करोड़ों भक्तों के हृदय को छू लिया।
गुर्जर ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा PRASAD योजना (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) के अंतर्गत भगवान श्री देवनारायण कॉरिडोर की घोषणा करना एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ गुर्जर समाज और समाज के अन्य वर्गों को सामाजिक समरसता का नया संदेश मिलेगा।
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देवनारायण कॉरिडोर – राजस्थान में पहला, देश में अद्वितीय
जसाराम गुर्जर ने कहा कि सम्पूर्ण राजस्थान में यह पहला कॉरिडोर होगा, जो विशेष रूप से भगवान देवनारायण जी के प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास को समर्पित होगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना की प्रथम किस्त 48.73 करोड़ रुपए स्वीकृत कर दी है।
इस कॉरिडोर में निम्नलिखित पांच तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है:
1. मालासेरी डूंगरी (आसींद)
2. सवाई भोज
3. बरनागर
4. साडू माता बावड़ी
5. गढ़गोठा
इन स्थानों का धार्मिक, पर्यटन और आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए सुव्यवस्थित सुविधाएँ, सड़क मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, ठहराव, और आध्यात्मिक केंद्रों का निर्माण शामिल होगा।
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गुर्जर समाज में हर्ष और गौरव का वातावरण
इस घोषणा के बाद गुर्जर समाज और भगवान देवनारायण जी के अन्य भक्तों में अत्यंत हर्ष और गौरव का वातावरण देखने को मिल रहा है। जसाराम गुर्जर ने कहा कि यह निर्णय समाज के गौरव, आस्था और पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा। युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से जुड़ने का एक मजबूत अवसर प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा, “यह केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि आस्था का सम्मान, संस्कृति की पुनर्स्थापना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।”
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राजनीति से परे, सांस्कृतिक चेतना की अलख
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मालासेरी डूंगरी की यात्रा को जसाराम गुर्जर ने एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की जड़ें उसकी संस्कृति, संत परंपरा और सामाजिक मूल्यों में हैं।
गुर्जर ने यह भी बताया कि यह परियोजना क्षेत्र में स्थानीय रोजगार, पर्यटन, और बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, धार्मिक पर्यटन को एक नई ऊँचाई मिलेगी जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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भविष्य की योजनाओं की झलक
गुर्जर ने संकेत दिया कि यह केवल शुरुआत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में देवनारायण जी से जुड़े अन्य स्थलों को भी इस कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और राजस्थान को धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
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समापन: एक आस्था, एक पहचान, एक विजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान श्री देवनारायण जी के प्रति श्रद्धा और केंद्र सरकार द्वारा घोषित कॉरिडोर परियोजना ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत की असली ताकत उसकी आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना में है। जसाराम गुर्जर जैसे समाजसेवी इस दिशा में नेतृत्व की प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद करते हुए कहा:
“यह हमारे लिए केवल एक विकास योजना नहीं, बल्कि भगवान देवनारायण जी की कृपा है, जो अब पूरे देश में जन-जन तक पहुँचेगी। हम प्रधानमंत्री जी के आभारी हैं कि उन्होंने गुर्जर समाज सहित करोड़ों भक्तों की आस्था का सम्मान किया।”