नागौर, 20 मार्च। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे गुरुवार को जिले के दौरे पर नागौर पहुंचे। उनके आगमन पर स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। सर्किट हाउस में किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, नागौर सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा, जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित और पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद, पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी दी।
राज्यपाल श्री बागडे ने जिला परिषद सभागार में जिला कलक्टर द्वारा भेंट किए गए पंच गौरव उत्पाद के स्मृति चिन्ह को स्वीकार किया और कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है। इस धरती के वीरों ने अपने सर्वोच्च बलिदान देकर मातृभूमि की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में सभी को सहयोग देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को बौद्धिक रूप से मजबूत करने पर जोर दिया और कहा कि जब हमारी आने वाली पीढ़ियां बौद्धिक रूप से सशक्त होंगी, तभी देश समृद्ध और खुशहाल बनेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक
राज्यपाल श्री बागडे ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का बेहतरीन क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि भावी पीढ़ी को बौद्धिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि बच्चे बौद्धिक रूप से सक्षम होंगे, तो समाज और देश में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिक्षकों को उचित प्रशिक्षण प्रदान करें ताकि वे नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी संबंधित विभागों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए और स्कूलों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राज्यपाल ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे। इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलो अभियान और विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत है।
हरियालो राजस्थान अभियान को गति देने के निर्देश
राज्यपाल श्री बागडे ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक पेड़-पौधे लगाए जाएं और घने जंगल विकसित किए जाएं ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके।
उन्होंने पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण और संवर्धन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत अधिकाधिक वृक्षारोपण किया जाए और खासतौर पर छायादार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी जाए।
औद्योगिक विकास और रोजगार पर जोर
राज्यपाल ने जिले में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विशेषताओं को बढ़ावा देकर यहां के लोगों को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसी योजनाओं को लागू करें जिनसे जिले में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिले और लोगों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स और नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं का लाभ युवाओं तक पहुंचाया जाए। विशेष रूप से महिलाओं और कारीगरों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएं।
विभिन्न योजनाओं की समीक्षा एवं दिशा-निर्देश
राज्यपाल श्री बागडे ने जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिन योजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री आवास योजना: उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास उपलब्ध कराए जाएं।
- स्वामित्व योजना: गांवों में संपत्ति अधिकार देने की इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।
- सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना: इस योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की और उन्हें तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना: इस योजना के तहत चयनित गांवों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।
- महात्मा गांधी नरेगा योजना: उन्होंने इस योजना के तहत सुदूर गांवों और ढाणियों में सड़कों की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने को कहा।
- स्वच्छ भारत मिशन: इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
- राजीविका योजना: महिलाओं को ऋण देकर स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की बात कही।
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- सॉइल हेल्थ कार्ड योजना: किसानों को जागरूक करने और उनके खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
- किसान सम्मान निधि: इस योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
- जल जीवन मिशन: प्रत्येक गांव में पेयजल कनेक्शन सुनिश्चित करने और लंबित कनेक्शनों को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया।
पीएम सूर्यघर और कुसुम योजना का लाभ बढ़ाएं
राज्यपाल ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों और आमजन को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकतम किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती में उन्हें राहत मिल सके और ऊर्जा की बचत हो।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए जागरूक किया जाए और कृषि, विपणन, उद्यानिकी और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाए।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर
राज्यपाल श्री बागडे ने राजीविका योजना के तहत महिलाओं को ऋण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिकतम वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि ऋण का सही उपयोग हो।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत श्मशान और जोहड़ विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और वाटरशेड विकास के जरिए भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने दिया आश्वासन
बैठक के अंत में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने जिले में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि राज्यपाल के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा।
उपस्थित अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति
बैठक में पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस, एडीसी प्रवीण नायक नूनावत, जिला परिषद सीईओ रविंद्र कुमार, किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा सहित जिले के समस्त वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।