नागौर। राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, नागौर द्वारा शुक्रवार को जिला उद्योग केंद्र, नागौर में एक भव्य ऋण मेले का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत सरकार और राजस्थान सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र और ऋण वितरण सुनिश्चित करना था।
इस ऋण मेले में बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित हुए जिन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत ऋण की राशि डिमांड ड्राफ्ट और चेक के माध्यम से वितरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनरल मैनेजर जिला उद्योग केंद्र नागौर श्री बजरंग सांगवा थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता नाबार्ड के डी.डी.एम श्री मोहित चौधरी ने की।
श्री अनिल अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक, नागौर ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लाभार्थियों को कुल ₹8.41 करोड़ (आठ करोड़ इकतालीस लाख रुपये) की ऋण राशि के चेक वितरित किए। यह राशि विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत की गई थी।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी, लाभार्थी ग्राहकगण एवं बैंक की टीम भी उपस्थित रही। ऋण मेला न केवल ऋण वितरण का माध्यम बना, बल्कि यह जागरूकता का भी एक प्रभावी मंच रहा जहाँ उपस्थित लोगों को बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
इस आयोजन में गृह ऋण (Home Loan), व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan), व्यवसायिक ऋण (Business Loan) और शैक्षणिक ऋण (Education Loan) जैसी योजनाओं की विस्तार से जानकारी साझा की गई। बैंक अधिकारियों ने उपस्थित जनसमूह को इन ऋण उत्पादों की पात्रता, दस्तावेज़ प्रक्रिया, ब्याज दरें और पुनर्भुगतान की शर्तों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।
इसके साथ ही, उपस्थित लाभार्थियों को गवर्नमेंट स्पॉन्सर्ड योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया, डे-न्यू-एलएम (DAY-NULM), पीएमईजीपी आदि के तहत मिलने वाले लाभ और पात्रता की जानकारी भी दी गई।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, बल्कि बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास भी मजबूत होता है।
कार्यक्रम का समापन सभी लाभार्थियों को शुभकामनाओं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। इस ऋण मेले के माध्यम से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि यदि बैंक, सरकार और आम जनता मिलकर कार्य करें तो विकास की गति को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।