संवाददाता/ डी.डी. चारण, मेड़ता सिटी
मेड़ता सिटी स्थित प्रतिष्ठित मयूर पब्लिक स्कूल में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल के तहत डॉ. अंकुर जैन द्वारा 402 विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य सामग्री वितरित की गई। यह आयोजन स्कूल के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें प्रतिभावान और जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने का उद्देश्य प्रमुख रहा।
डॉ. जैन ने बताया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच पाना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए यह बीड़ा उठाया कि 2025-26 सत्र में विद्यालय के 402 छात्र-छात्राओं को निशुल्क किताबें प्रदान की जाएंगी।
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि जिन नव-प्रवेशित विद्यार्थियों ने 85% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें भी निशुल्क उत्तर पुस्तिकाएं (Answers) दी जाएंगी। यह पहल मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम करेगी।
डॉ. अंकुर जैन का मानना है कि शिक्षा वह नींव है जिस पर समाज का भविष्य टिकता है। उन्होंने कहा कि अगर समाज का प्रत्येक सक्षम व्यक्ति एक बच्चे की शिक्षा का उत्तरदायित्व ले ले, तो देश में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
विद्यालय की प्राचार्या ने भी डॉ. जैन के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मिसाल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मयूर पब्लिक स्कूल का लक्ष्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, जागरूक और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाना है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और खुशी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कई अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां पाठ्य सामग्री महंगी होती जा रही है, वहां इस तरह की सहायता उनके लिए बहुत राहत भरी है।
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि नीयत नेक हो और उद्देश्य समाजहित में हो, तो शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति लाई जा सकती है। डॉ. अंकुर जैन द्वारा की गई यह पहल न केवल एक प्रशंसनीय कार्य है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा भी बनेगी।