राजस्नाथान राज्य के नागौर जिले के छोटे से कस्बे थांवला की होनहार बेटी भार्गवी सिंह चौधरी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि अगर जज्बा हो तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। जयपुर स्थित बैटल्स इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को आयोजित ताइक्वांडो चैंपियंस कप में भार्गवी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल प्रतियोगिता में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, बल्कि पूरे नागौर जिले को गर्व से भर दिया।
भार्गवी सिंह चौधरी की यह जीत साधारण नहीं है। वह पहले भी दो बार राजस्थान राज्य की स्टेट चैंपियन रह चुकी हैं और एक बार नेशनल लेवल पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। मात्र कुछ वर्षों की उम्र में उन्होंने अब तक विभिन्न जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कुल 27 स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यह आंकड़ा न केवल उनके समर्पण को दर्शाता है, बल्कि उनके भीतर छिपी वह क्षमता भी दिखाता है, जो भविष्य में भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गौरव दिला सकती है।
ताइक्वांडो चैंपियंस कप, जिसमें राजस्थान के प्रतिभावान खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, उसमें भार्गवी का गोल्ड मेडल जीतना आसान नहीं था। लेकिन उनके बेहतरीन फुटवर्क, तेज़ गति और मानसिक एकाग्रता ने उन्हें विजेता बनाया। मैच के दौरान उनके आत्मविश्वास और रणनीति की प्रशंसा कोचिंग स्टाफ और निर्णायकों ने भी की।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, स्कूल स्टाफ और समस्त थांवला क्षेत्रवासियों ने उन्हें ढेर सारी बधाइयाँ दीं। लोगों ने उन्हें स्नेहपूर्वक “थांवला की गोल्डन गर्ल” की उपाधि से नवाज़ा है। उनकी जीत ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया, बल्कि क्षेत्र की बालिकाओं के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है।
भार्गवी ने इस अवसर पर कहा, “मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता और कोच की अहम भूमिका रही है। उन्होंने हमेशा मेरा मनोबल बढ़ाया और हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरा सपना है कि एक दिन भारत के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतूं।”
आज के समय में जब ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियाँ अपने सपनों को आकार देने के लिए संघर्ष कर रही हैं, भार्गवी सिंह जैसे उदाहरण उनके लिए रोशनी की किरण हैं। उनकी यह जीत यह भी साबित करती है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी ऊंचाई प्राप्त की जा सकती है। आने वाले वर्षों में भार्गवी से ना केवल और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद की जा रही है, बल्कि वह देशभर की बेटियों के लिए एक मिसाल बनती जा रही हैं ।