थांवला (नागौर) शनिवार सुबह थांवला कस्बे के टेहला बाईपास चौराहे से कुछ ही दूरी पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में मृतक की पहचान सीताराम केवट (निवासी कोटा) के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से थांवला में अपनी तीन संतानों के साथ रह रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा सुबह लगभग 11 बजे उस समय हुआ जब सीताराम केवट टेहला रोड स्थित धर्मकांटा के सामने खड़ी अपनी कार में सवार हो रहा था। बताया जा रहा है कि वह किसी जरूरी बात के लिए सामने वाली कॉलोनी में रहने वाले अपने पड़ोसी गंगाराम कुमावत से मोबाइल मांगकर कॉल कर रहा था। फोन पर बात पूरी करने के बाद जैसे ही वह वापस अपनी कार में बैठने लगा, उसी वक्त पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीताराम कार के दरवाजे से उछलकर दूर जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोट आई। लोगों के अनुसार उसका सिर फट गया था और अत्यधिक खून बहने से कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गई। आसपास के लोगों ने शोर मचाकर भीड़ इकट्ठी की और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही थांवला पुलिस चौकी से हेड कांस्टेबल लालाराम मय जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर अजमेर रोड स्थित राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में भिजवाया।
पुलिस के अनुसार मृतक सीताराम केवट मूल रूप से कोटा जिले का निवासी था और कुछ समय से थांवला के टेहला रोड पर स्थित कॉलोनी में किराये से रह रहा था। वह अपने तीन छोटे बच्चों के साथ यहीं जीवन यापन कर रहा था।
गंगाराम कुमावत, जो घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं, ने बताया कि सीताराम सुबह उनके पास आया और किसी से जरूरी बातचीत करने के लिए फोन मांगा। कॉल करने के बाद वह मुस्कराते हुए कार में बैठ ही रहा था कि अचानक एक अनियंत्रित ट्रैक्टर तेजी से आया और उसे पीछे से टक्कर मार दी।
इस हादसे ने ना सिर्फ एक ज़िंदगी छीन ली, बल्कि तीन मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया। जानकारी के अनुसार सीताराम की पत्नी की मौत पहले ही हो चुकी थी और अब पिता के चले जाने से तीनों बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया है।
घटना के बाद मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी और स्थानीय लोग स्तब्ध रह गए क्योंकि सीताराम को सभी एक जिम्मेदार और मेहनती व्यक्ति के रूप में जानते थे।
पोस्टमार्टम रविवार को होगा
पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि परिजन कोटा जिले से थांवला पहुंच रहे हैं और उनके आने में समय लगने के कारण पोस्टमार्टम रविवार सुबह करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।
ट्रैक्टर चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस द्वारा चालक की तलाश की जा रही है और ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रैक्टर तेज गति में था और चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था।
थांवला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना के बारे में और जानकारी मिल सके और चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
ग्रामीणों की मांग – दोषी को कड़ी सजा मिले
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लापरवाह चालकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से लोगों की जान न जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टेहला रोड और बाईपास चौराहा अक्सर तेज गति से दौड़ते ट्रैक्टरों और अन्य भारी वाहनों के कारण खतरनाक बना हुआ है। वहां ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कोई स्पष्ट इंतजाम नहीं हैं।
तीन बच्चों का भविष्य अधर में
सीताराम के तीनों बच्चे अब पूरी तरह से अकेले हो चुके हैं। एक तरफ पिता का साया चला गया तो दूसरी ओर मां भी पहले ही इस दुनिया से जा चुकी है। परिवार की माली हालत भी कुछ खास नहीं थी।
स्थानीय समाजसेवियों और प्रशासन से मांग की जा रही है कि बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर कोई ठोस कदम उठाया जाए।थांवला में हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं थी, बल्कि एक परिवार के उजड़ने की कहानी थी। यह घटना लापरवाही से वाहन चलाने वालों के लिए एक चेतावनी है कि एक छोटी सी गलती किसी की जिंदगी छीन सकती है और कई ज़िंदगियों को बर्बाद कर सकती है।
पुलिस द्वारा की जा रही जांच से उम्मीद की जा रही है कि दोषी को जल्द से जल्द पकड़कर न्याय दिलाया जाएगा और मृतक के परिवार को सहायता पहुंचाई जाएगी।