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29 Aug 2025, Fri

बैंकॉक में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, प्रवासियों ने लगाए ‘मोदी-मोदी’ के नारे

बैंकॉक/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंचे, जहां उनका भारतीय प्रवासियों और स्थानीय अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट पर थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री सूरिया जुंगरुंगरेंगकिट समेत कई गणमान्य अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन किया। जैसे ही पीएम मोदी एयरपोर्ट से बाहर आए, वहां मौजूद भारतीय प्रवासियों ने “मोदी-मोदी” के नारों से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने भारत के तिरंगे झंडे लहराते हुए अपने प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

पीएम मोदी ने अपने बैंकॉक आगमन के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “मैं बैंकॉक, थाईलैंड में उतरा हूं। आगामी आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उत्साहित हूं और भारत और थाईलैंड के बीच सहयोग के बंधन को और मजबूत करने के लिए तत्पर हूं।” पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान कई उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होंगे और 6वें बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थाईलैंड में आयोजित हो रहे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। इस बहुपक्षीय सम्मेलन में वह 4 अप्रैल को क्षेत्रीय नेताओं के साथ सहयोग के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। बिम्सटेक (बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देश शामिल हैं। इनमें दक्षिण एशिया से भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका तथा दक्षिण पूर्व एशिया से म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। यह संगठन दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने का कार्य करता है।

भारत इस संगठन का सबसे बड़ा और प्रभावशाली सदस्य है। पिछले कुछ वर्षों में बिम्सटेक ने क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीएम मोदी इस सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।

थाईलैंड में भारतीय समुदाय से मुलाकात

बैंकॉक में आगमन के बाद प्रधानमंत्री मोदी भारतीय प्रवासी समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे और उनसे संवाद करेंगे। इस बातचीत में वह भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को उजागर करेंगे। थाईलैंड में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय की संख्या लाखों में है और यह समुदाय व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और विभिन्न अन्य क्षेत्रों में योगदान कर रहा है।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रवासी भारतीयों के लिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि इससे भारत और थाईलैंड के बीच आपसी संबंधों को और मजबूती मिलेगी। भारतीय प्रवासी समुदाय प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से काफी प्रभावित है और वे भारत के विकास में अपनी भागीदारी निभाने के इच्छुक हैं।

द्विपक्षीय वार्ता और समझौते

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनवात्रा के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इस बैठक में भारत-थाईलैंड व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से काफी गहरे हैं और इनकी जड़ें सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंधों में रची-बसी हैं।

भारत और थाईलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए इस दौरे के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। खासकर व्यापार और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, क्योंकि थाईलैंड भारतीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन चुका है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी बातचीत होगी।

भारत-थाईलैंड संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच व्यापारिक और धार्मिक आदान-प्रदान प्राचीन समय से चला आ रहा है। थाईलैंड में हिंदू और बौद्ध धर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भारतीय महाकाव्य रामायण का थाई संस्करण “रामाकियान” वहां की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

आज के दौर में भारत और थाईलैंड के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हो चुके हैं। थाईलैंड भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य अरबों डॉलर में पहुंच चुका है। इसके अलावा, भारत के ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत थाईलैंड की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के प्रमुख बिंदु:

  1. बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भागीदारी: प्रधानमंत्री मोदी क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर विचार-विमर्श करेंगे।
  2. थाईलैंड के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता: व्यापार, निवेश, पर्यटन, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा होगी।
  3. भारतीय प्रवासियों से संवाद: पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और भारत-थाईलैंड के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर देंगे।
  4. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका: भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत और थाईलैंड के संबंधों को एक नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में उनकी उपस्थिति क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती देने में सहायक होगी। भारतीय प्रवासियों के साथ उनकी बातचीत न केवल भारत-थाईलैंड के सांस्कृतिक रिश्तों को बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को भी मजबूत करेगी। इस यात्रा के दौरान होने वाली द्विपक्षीय वार्ता और समझौते दोनों देशों के आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेंगे।

 

By VBT NEWS

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