नागौर / राजस्थान में मानसून को लेकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने अधिकारियों को मानसून सीजन से पहले बाढ़ नियंत्रण व बचाव के सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने विभागीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहकर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ नियंत्रण व बचाव कार्यों की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकाय अधिकारियों को सीवरेज व नालों की गुणवत्तापूर्ण सफाई जल्द पूर्ण करने, सफाई के बाद सड़कों पर जमा कीचड़ व गंदगी का उठाव कराने, सीवरेज के खुले चैंबर व मेनहोल पर ढक्कन लगाने तथा नालों पर फेरो कवर लगवाने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना के साथ मिट्टी के कट्टे, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, जेसीबी, पोकलेन, मडपंप सहित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों को ढीले तार कसने, झुके बिजली पोल सीधा करने, खुले फीडरों को बंद करने, खुले तार दुरुस्त करने तथा लो-लाइन पैनल बॉक्स व ट्रांसफार्मर को ऊंचाई पर लगवाने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि निकाय अधिकारी उपखंड स्तर पर भी नदी-नाले वाले क्षेत्रों में पुख्ता व्यवस्था करें तथा बारिश के दौरान लोगों से समझाइए करते हुए उन्हें अवरुद्ध रास्तों पर जाने से रोके। इसके साथ ही बारिश से पूर्व गड्ढों व पानी भराव वाले क्षेत्रों में संकेतक बोर्ड भी लगाएं। उन्होंने डिस्कॉम के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बारिश में बिजली काटना स्थाई समाधान नहीं है, इसके लिए पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर लें। बैठक में जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने तथा आपसी समन्वय से काम करते हुए आमजन को राहत प्रदान करने के लिए समय पूर्व आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारी घर से बाहर निकले तथा विभिन्न क्षेत्रों में सर्वे करें। साथ ही आपदा की स्थिति में मौके पर तुरंत पहुंचे।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यालय छतों की सफाई करवाने, नगर परिषद के अधिकारियों को नालों की सफाई करवाने, पम्पसेटो की जांच कर उन्हें चालू अवस्था में रखने, कंट्रोल रूम स्थापित करने, पुलिस विभाग के अधिकारियों होमगार्ड व आरएसी जवानों की ड्यूटी सुनिश्चित करने, पशुपालन विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियां हेतु पशुओं के लिए आवश्यक दवाइयां, मोबाइल वैन, पशु आहार की समुचित व्यवस्था करवाने, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अनुपयुक्त भवनों को गिराने व जर्जर भवनों की स्थिति से अवगत करवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों को लेकर समय पूर्व आवश्यक तैयारियां करने, रसद विभाग के अधिकारियों को कंट्रोल रूम स्थापित करने, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को छात्रावास भवनों की जांच करने, विद्यालय भवनों का सर्वे करवाकर जर्जर स्कूल भवनों की सूची भिजवाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारी पूर्ण मॉनिटरिंग के साथ तत्परता से कार्य करें, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।