डी.डी. चारण की रिपोर्ट | मेड़ता सिटी
मेड़ता सिटी के संत पदमाराम जी कुलरिया फेन्स टीम मेड़ता के एक शिष्टमंडल ने मुलवाश स्थित पदम पेलेश और पदम् स्मारक का दौरा किया। वहाँ उन्होंने संत पदमाराम जी कुलरिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने स्मारक में बनी डिजिटल लाइब्रेरी और म्यूज़ियम का भी अवलोकन किया।
संतों का मार्गदर्शन समाज को संतुलन प्रदान करता है: शंकर कुलरिया
इसके पश्चात पदम पेलेश में शंकर कुलरिया और कानाराम कुलरिया से मुलाकात कर आगामी माह में मेड़ता में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने बालाजी सेवाधाम में महामंडलेश्वर स्वामी बजरंगदास महाराज के दर्शन किए और उन्हें मेड़ता आने का निमंत्रण दिया।
इस अवसर पर संत वार्ता के दौरान शंकर कुलरिया ने कहा:
“सनातन संस्कृति को बनाए रखने में संतों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। जब राजसत्ता में कमी आती है, तब संतों का मार्गदर्शन समाज को संतुलन प्रदान करता है।“
महामंडलेश्वर बजरंगदास महाराज: “धार्मिक आयोजन आवश्यक हैं”
महामंडलेश्वर बजरंगदास महाराज ने इस बार के कुंभ आयोजन को स्मरणीय बताया और कहा:
“सनातन संस्कृति के विस्तार के लिए धार्मिक आयोजनों की महती आवश्यकता है।“
उन्होंने संत पदमाराम जी कुलरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वे जन-जन में सेवा और श्रद्धा का भाव जगाने वाले महापुरुष थे। उनकी विचारधारा को कानाराम कुलरिया, शंकर कुलरिया और धर्म कुलरिया आगे बढ़ा रहे हैं।
अगले माह मेड़ता आएंगे कुलरिया संत और महामंडलेश्वर जी
कार्यक्रम के दौरान शंकर कुलरिया और महामंडलेश्वर बजरंगदास महाराज ने अगले माह मेड़ता आने की सहमति जताई।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में डी. डी. चारण, समाजसेवी अमित टाक, ओसियां विधानसभा प्रभारी कैलाश जांगिड़, पूर्व मंडल अध्यक्ष श्याम बोराणा और पप्पुराम सेन सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।