Karauli : टीचर की पिटाई से आहत 9वीं के छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में शिक्षक पर गंभीर आरोप
राजस्थान के करौली जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कक्षा 9 में पढ़ने वाले 15 वर्षीय छात्र अंकित गुर्जर ने आत्महत्या कर ली। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा है कि छात्र ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें स्कूल के शिक्षक को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है और आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

नीम के पेड़ से लटकता मिला शव
मंगलवार शाम घटना का खुलासा तब हुआ जब परिजनों ने घर के पीछे नीम के पेड़ पर बच्चे का शव लटका देखा। दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही नादौती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर गुढ़ाचंद्रजी सीएचसी में रखवाया गया। परिवार की हालत बदहवास बनी हुई है और गांव में मातम का माहौल है।
मिला सुसाइड नोट, शिक्षक पर गंभीर आरोप
छात्र के पास से मिला कथित सुसाइड नोट इस घटना को और गंभीर बना देता है। नोट में अंकित ने लिखा है—
“मैं अपने माता-पिता के लिए पत्र लिख रहा हूं। अगर मेरी मौत के बाद मुझे खुश देखना चाहते हैं तो KBSS स्कूल के टीचर बाबूलाल बैरवा को कम से कम 2 से 5 साल की जेल करवाएं। आज उसने मुझे पीटा, इसी कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं।”

अंकित K.B.B.S स्कूल, गुढ़ाचंद्रजी में 9वीं कक्षा का छात्र था। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक मामूली गलती पर शिक्षक ने बच्चे को बुरी तरह पीटा, जिसके बाद वह आहत होकर घर लौटा और आत्मघाती कदम उठा लिया।
परिजनों में गुस्सा, स्कूल प्रशासन पर भी आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रशासन ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया और न ही किसी तरह की कोशिश की कि बच्चे का मानसिक सहारा बन सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप होता तो शायद एक मासूम की जान बच सकती थी। गुस्साए लोगों ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी और स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी फैला हुआ है।
पुलिस जांच में जुटी, अभी FIR दर्ज नहीं
नादौती थाना अधिकारी ओमेंद्र सिंह के अनुसार, प्राथमिक जांच जारी है। उन्होंने बताया:
“सुसाइड नोट मिलने के बाद भी अभी स्पष्ट नहीं है कि आत्महत्या का कारण स्कूल में हुई मारपीट ही है या कोई अन्य वजह। परिजनों की ओर से अभी तक FIR दर्ज नहीं कराई गई है। विस्तृत जांच की जा रही है।”
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयान आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
संवेदनशील मामलों पर अपील
मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि बच्चों पर शारीरिक और मानसिक तनाव गंभीर परिणाम दे सकता है। विशेषज्ञों की अपील है कि स्कूलों में काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत किया जाए और किसी भी तरह की शारीरिक सज़ा को सख्ती से रोका जाए।
