आलनियावास। स्थानीय ग्राम पंचायत में परिसीमन प्रक्रिया के तहत वार्डों में किए गए फेरबदल को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी को लेकर आलनियावास के कई कस्बावासियों ने उप तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए आपत्ति दर्ज करवाई। ग्रामीणों का कहना है कि परिसीमन के दौरान न तो नियमों का समुचित पालन किया गया और न ही आमजन की राय को महत्व दिया गया, जिससे भविष्य में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पिपलिया ग्राम पंचायत के अलग होने के बाद आलनियावास ग्राम पंचायत के वार्डों का पुनर्गठन किया गया। इस दौरान मकान नंबरों या क्रमबद्ध पद्धति के आधार पर वार्ड निर्धारण नहीं किया गया, बल्कि कई घरों को एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में जोड़ दिया गया। इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बीएलओ द्वारा बिना जनसुनवाई और रायशुमारी के ही वार्डों का गठन कर दिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि इसी तरह की अव्यवस्थित वार्ड व्यवस्था में आगामी चुनाव संपन्न कराए गए, तो मतदाताओं को मतदान केंद्र खोजने और अपने वार्ड की पहचान करने में भारी परेशानी होगी। इससे मतदान प्रतिशत पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार रामचंद्र भंवरिया ने संबंधित बीएलओ को कार्यालय बुलाकर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामस्वरूप बिश्नोई, शोभा देवी, युवा अल्पसंख्यक अध्यक्ष जाकिर हुसैन तगाला, रामदेव प्रजापत सहित कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में परिसीमन प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहित में पुनः समीक्षा करने की मांग की।
इसी तरह समीपवर्ती सूरजगढ़ के ग्रामीणों ने भी नवगठित पिपलिया ग्राम पंचायत के मुख्यालय निर्धारण को लेकर आपत्ति जताई। ग्रामीणों का कहना है कि जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और सुविधाओं के आधार पर सूरजगढ़ को पंचायत मुख्यालय बनाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में हुए फेरबदल के चलते पिपलिया को मुख्यालय घोषित कर दिया गया, जो क्षेत्रवासियों के साथ अन्याय है।
सूरजगढ़ के ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि पंचायत मुख्यालय का निर्धारण पुनः निष्पक्ष तरीके से किया जाए। इस दौरान स्वरूप धायल, जयराम बेनीवाल, उमेदराम, इकबाल सिपाही, चेनाराम सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
