अजमेर।
राजकीय विधि महाविद्यालय अजमेर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में अधिकतर विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है, जबकि परीक्षा के नए मापदंडों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस मामले को लेकर विद्यार्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने महाविद्यालय परिसर में टायर जलाकर गेट बंद कर धरना-प्रदर्शन किया।
विद्यार्थियों की मुख्य मांगें
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जिन विद्यार्थियों के चार विषयों में 45 प्रतिशत अंक बन रहे हैं, उन्हें द्वितीय सेमेस्टर में प्रवेश की अनुमति दी जाए। इसी प्रकार, जिनके तीन विषयों में 48 प्रतिशत अंक हैं, उन्हें भी द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाए। छात्रों का कहना है कि अचानक से बनाए गए नियमों और मूल्यांकन प्रणाली की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं।
इंग्लिश इंटरनल में सबसे ज्यादा फेल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि विषय कोड 5306 (इंग्लिश विषय) के इंटरनल अंक में अधिकांश विद्यार्थियों को जानबूझकर फेल किया गया है। इससे विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। छात्रों ने कहा कि बिना ठोस आधार और उचित स्पष्टीकरण के इस तरह की मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
धरना, नारेबाजी और ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने गेट बंद कर उग्र नारेबाजी की। माहौल में नाराजगी साफ झलक रही थी। टायर जलाकर छात्रों ने अपना आक्रोश प्रकट किया और कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होती हैं, तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा। इस दौरान एबीवीपी की ओर से महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
एबीवीपी का अल्टीमेटम
एबीवीपी प्रांत संयोजक दिलीप चौहान ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विद्यार्थी परिषद रोजाना सुबह सांकेतिक धरना देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ तो विद्यार्थी परिषद बड़ा आंदोलन करेगी और इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी प्रांत संयोजक दिलीप चौहान, महानगर मंत्री खुशाल प्रजापति, इकाई अध्यक्ष दीपेश चौधरी, प्रांत छात्रा सह-प्रमुख चंचल तेजावत और छात्र नेता योगेश गुर्जर ने किया। इस अवसर पर विभाग कार्यालय मंत्री खुश दाधीच, भूपेंद्र सिंह भाटी, रमेश मीणा, राहुल नोगिया, खुशान कुमार, राम अवतार, कुलदीप जाट, प्रदीप चौधरी, दिनेश जाट, विक्रम मीणा, विष्णु जोशी और रवि राठौड़ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छात्रों का भविष्य अधर में
विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बिना स्पष्ट दिशा-निर्देश और मापदंड लागू किए अचानक सेमेस्टर परीक्षाओं का मूल्यांकन करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने आशा जताई कि प्रशासन जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान करेगा, ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक मानसिक दबाव और आंदोलन की राह पर न जाना पड़े।