यूक्रेन में आम्र्ड फोर्सेज डे से ठीक पहले हालात फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। शनिवार को रूस ने बड़े पैमाने पर हवाई हमला करते हुए यूक्रेन के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, अमेरिका और यूक्रेन के बीच चल रही तीन दिनों की शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। इससे जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
रूस का सबसे बड़ा हवाई हमला: 653 ड्रोन और 51 मिसाइलें दागी गईं
यूक्रेन एयरफोर्स के अनुसार रूस ने 29 सैन्य और ऊर्जा संबंधी ठिकानों पर 653 ड्रोन और 51 मिसाइलें दागीं।
इनमें से 585 ड्रोन और 30 मिसाइलों को यूक्रेनी सुरक्षा प्रणाली ने उड़ान में ही मार गिराया।
इसके बावजूद कई जगह भारी नुकसान हुआ।
- 8 लोग घायल हुए
- कई ऊर्जा स्टेशन तथा रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान
- जापोरेजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट थोड़े समय के लिए ऑफ-साइट पावर से कट गया
हालांकि प्लांट की सभी यूनिटें बंद थीं, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।
रूस की ‘गलती’: अपना ही बम अपने शहर पर गिरा
हमलों के दौरान रूस से भी एक बड़ी गलती हो गई।
खबर है कि रूस ने यूक्रेन पर हमला करते समय गलती से अपने ही शहर बेल्गोरोड (यूक्रेन सीमा से 40 किमी दूर) पर स्न्रक्च-1000 हाई-एक्सप्लोसिव बम गिरा दिया।
- बम का वजन लगभग 1000 किलो
- पूरा नहीं फटा, लेकिन जमीन पर विशाल गड्ढा बना
- रूसी प्रशासन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, पर वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं
अमेरिका–यूक्रेन शांति वार्ता बेनतीजा
हमले के बाद अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच तीन दिनों की बातचीत हुई, लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं हो सका।
ये वार्ताएँ फ्लोरिडा में आयोजित की गईं।
बातचीत में शामिल थे:
- स्टीव विटकॉफ (ट्रम्प के शांति दूत)
- जेरेड कुशनर (अमेरिकी राष्ट्रपति के दामाद)
- यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की
जेलेंस्की के अनुसार:
- बातचीत सकारात्मक थी
- दोनों पक्ष सुरक्षा गारंटी ढाँचे पर सहमत हुए
- लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया
जेलेंस्की ने कहा कि शांति तभी संभव है जब रूस गंभीरता दिखाएगा और हत्याएं बंद करेगा।
रूस को ‘हत्याएं रोकनी होंगी’: अमेरिका और यूक्रेन का बयान
अमेरिकी और यूक्रेनी नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा:
- युद्ध रोकने के लिए रूस को डी-एस्केलेशन के कदम उठाने होंगे
- नागरिक ठिकानों पर हमले तत्काल बंद हों
- शांति प्रक्रिया तभी आगे बढ़ सकती है जब रूस अपने रुख में नरमी लाए
लेकिन रूस लगातार भारी हमले कर रहा है, जिससे समाधान दूर होता जा रहा है।
यूक्रेन का जवाब: रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज
रूस के हमलों के जवाब में यूक्रेन ने रूस की रयाजान तेल रिफाइनरी पर लंबी दूरी के ड्रोन से हमला किया।
रूसी अधिकारियों और यूक्रेनी सेना दोनों ने इसकी पुष्टि की है।
पिछले महीनों में यूक्रेन ने कई रिफाइनरियों पर हमले किए हैं ताकि:
- रूस की तेल निर्यात आय कम हो
- रूस को हथियार और मिसाइलें बनाने के लिए मिलने वाला फंड घटाया जा सके
यूक्रेन और अमेरिका का आरोप है कि रूस भारत जैसे देशों को बड़े पैमाने पर तेल बेचकर हथियार खरीद रहा है।
ऊर्जा ढाँचे को सबसे ज्यादा नुकसान
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि हमलों का मुख्य टारगेट बिजली स्टेशन, ग्रिड सिस्टम और रेलवे था।
महत्वपूर्ण नुकसान:
- कीव के पास फास्टिव में एक रेलवे स्टेशन पूरी तरह नष्ट
- कई शहरों में ब्लैकआउट
- जापोरेजिया प्लांट बिजली कटने के कारण कुछ समय तक असुरक्षित स्थिति में
जेलेंस्की ने कहा कि रूस का इरादा यूक्रेन के नागरिक ढाँचे को पंगु करना है।
यूरोपीय नेताओं की अहम बैठक: सोमवार को लंदन में समिट
जंग की बढ़ती स्थिति को देखते हुए यूरोप के बड़े नेता सोमवार को लंदन में बैठक करेंगे।
इस बैठक में शामिल होंगे:
- यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की
- ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर
- जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज
- फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
मुख्य एजेंडा:
- यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी योजना
- अमेरिका की शांति प्रक्रिया की रूपरेखा
- रूस पर दबाव बढ़ाने के उपाय
मैक्रों ने कहा:
“रूस लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है। अगर शांति चाहिए तो हमें रूस पर और दबाव डालना होगा।”
स्टार्मर ने कहा:
“यूक्रेन अपना भविष्य खुद तय करेगा और यूरोपीय सुरक्षा बल उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे।”
पुतिन की चेतावनी: विदेशी सैनिक निशाने पर होंगे
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन में तैनात किसी भी विदेशी सैनिक पर हमला किया जा सकता है।
यह चेतावनी यूरोपीय योजना के लिए बड़ी चुनौती है।
निष्कर्ष: शांति की उम्मीद अभी दूर
रूस के ताबड़तोड़ हमले, यूक्रेन का पलटवार, अमेरिका–यूक्रेन वार्ता का असफल होना और यूरोपीय देशों की बढ़ती चिंता…
इन सबके बीच यूक्रेन जंग के नए और खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।
फिलहाल हालात यही संकेत दे रहे हैं:
- युद्ध जल्द खत्म होने की संभावना कम
- शांति वार्ताओं को रूस की सहमति के बिना आगे बढ़ाना मुश्किल
- यूक्रेन की ऊर्जा और संरचना पर हमले बढ़ सकते हैं
दुनिया की नजरें अब लंदन में होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जो इस संकट में नई दिशा दे सकती है।
रिपोर्ट: नितिन सिंह / 07 दिसम्बर, 2025
