मेड़ता: आनंद आई हॉस्पिटल के शिविर में 86 मरीजों का लेंस प्रत्यारोपण
संवाददाता/ डीडी चारण, मेड़ता सिटी।
जेतारण बाईपास स्थित आनंद आई हॉस्पिटल में सोमवार को आयोजित निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण शिविर जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में कुल 191 मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 86 मरीजों को लेंस प्रत्यारोपण की आवश्यकता पाई गई। देर रात तक डॉक्टरों और हॉस्पिटल टीम ने सभी मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उन्हें नई रोशनी प्रदान की।
देवाराम जाजड़ा दंपत्ति की खुशी बनी सेवा का कारण
अस्पताल अधीक्षक नवरतन सिंह सांखला ने बताया कि दधवाड़ा निवासी देवाराम जाजड़ा और उनकी पत्नी सुप्यारी देवी की आंखों का अस्पताल में सफल ऑपरेशन किया गया। इस खुशी में उनके पुत्र —
रामदयाल, मदनदास, प्रेमाराम, भीड़दाराम और मधुराम जाजड़ा — ने समाज सेवा के रूप में निशुल्क नेत्र जांच व लेंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन करवाया।
डॉक्टरों की टीम ने देर रात तक किया ऑपरेशन
जांच के बाद जब 86 मरीज लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित हुए, तो अस्पताल की टीम ने बिना रुके देर रात तक सभी का ऑपरेशन पूरा किया। इस सेवा कार्य में निम्नलिखित विशेषज्ञों और स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई—
- डॉ. विक्रम सिंह जादौन
- नवरतन सिंह सांखला
- जितेंद्र बागड़ी
- पिंटू गुगड़वाल
- दीपांशु
- दिनेश
- नरेश
इनकी संयुक्त मेहनत से सभी मरीजों को सुरक्षित और सफल उपचार मिला।
38 शिविर आयोजित, 1680 मरीजों को मिली दृष्टि
गौरतलब है कि आनंद आई हॉस्पिटल सेवा समिति मेड़ता ने अब तक 38 निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए हैं। इन शिविरों के माध्यम से 1,680 जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त लेंस प्रत्यारोपण कर नयन ज्योति प्रदान की जा चुकी है।
यह आंकड़ा मेड़ता क्षेत्र में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अस्पताल की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ा सहयोग
मेड़ता और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर लोग अक्सर आंखों के इलाज से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में आनंद आई हॉस्पिटल द्वारा आयोजित ये निशुल्क शिविर उनके लिए उम्मीद की किरण साबित होते हैं।
शिविर में आए कई मरीजों ने कहा कि—
“हमें इतनी बेहतरीन सुविधा और मान-सम्मान के साथ मुफ्त उपचार मिला, इसके लिए हम अस्पताल प्रबंधन और आयोजक परिवार के आभारी हैं।”
अस्पताल का उद्देश्य – हर जरूरतमंद तक पहुंचाना रोशनी
अधीक्षक नवरतन सिंह सांखला ने बताया कि अस्पताल का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी अपनी दृष्टि खोने के लिए मजबूर न हो। वे आगे भी इसी तरह समाज सेवा के साथ और अधिक शिविर आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।
एडिटर/नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज/18 नवंबर 2025
