बागावास में जनजागृति शिविर का आयोजन | न्याय आपके द्वार अभियान
संवाददाता/डी. डी. चारण / मेड़ता सिटी
रajasthan राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान और प्रदेश में संचालित “न्याय आपके द्वार” अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को ग्राम बागावास में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता द्वारा एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर अध्यक्ष अरुण कुमार बेरीवाल के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
अभियान के उद्देश्य ग्रामीणों तक पहुंचाई गई जानकारी
सचिव स्वाति शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि रालसा के तत्वावधान में 10 नवंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक राज्यव्यापी विशेष अभियान “न्याय आपके द्वार” चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व आमजन की लोक उपयोगिता से जुड़ी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि कई बार आमजन छोटी-छोटी सेवाओं में भी परेशान रहते हैं, जबकि स्थायी लोक अदालत के माध्यम से इन समस्याओं का तेज, पारदर्शी और प्रभावी समाधान आसानी से किया जा सकता है।
कौन-कौन सी सेवाएँ आती हैं लोक उपयोगिता की श्रेणी में?
सचिव ने ग्रामीणों को विस्तार से बताया कि निम्न सेवाएँ लोक उपयोगिता के दायरे में आती हैं—
- यातायात (वायु, सड़क, जल परिवहन)
- डाक एवं टेलीफोन सेवाएँ
- बिजली एवं पेयजल आपूर्ति
- लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सेवाएँ
- अस्पताल व डिस्पेंसरी
- बीमा, बैंकिंग और वित्तीय संस्थाएँ
- आवासीय सेवाएँ
- एलपीजी आपूर्ति
- शैक्षणिक संस्थाएँ
- आवास और भू-सम्पदा से संबंधित सेवाएँ
उन्होंने यह भी बताया कि कोई भी व्यक्ति सरल आवेदन पत्र या हस्तलिखित प्रार्थना पत्र अधिकृत व्हाट्सऐप नंबर 9119365734 पर भेज सकता है या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेड़ता में व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकता है।
स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया को समझाया
लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंट श्री परीक्षित सिखवाल ने अपने विस्तृत संबोधन में स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाया।
उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि—
- स्थायी लोक अदालत में वाद प्रस्तुत करना आसान है
- सुनवाई तेज होती है
- निर्णय मैत्रीपूर्ण माहौल में किए जाते हैं
- पक्षकारों को वास्तविक लाभ मिलता है
- समाधान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निःशुल्क होती है
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जनता को कोर्ट की लंबी प्रक्रिया से बचाकर त्वरित न्याय प्रदान करना है।
अभियान की पृष्ठभूमि पर विस्तृत जानकारी
सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्री रामकरण चोयल ने रालसा द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और इसके माध्यम से मिलने वाले लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं और निर्धारित समय-सीमा के अंदर उनका निपटारा सुनिश्चित किया जाता है। साथ ही, स्थायी लोक अदालत द्वारा आमजन को निःशुल्क और निष्पक्ष समाधान तंत्र उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण स्तर पर न्यायिक जागरूकता एवं विश्वास बढ़ रहा है।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/21 नवंबर 2025
