नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र में एक किसान ने अपनी बेटी की शादी को सामाजिक संदेश का माध्यम बनाकर एक अनोखी मिसाल पेश की है। किसान हनुमान राम माली ने पारंपरिक दहेज में दिए जाने वाले बर्तन, फर्नीचर और घरेलू सामान की जगह अपनी बेटी को खेती के काम आने वाला ट्रैक्टर भेंट किया। इतना ही नहीं, उन्होंने शादी समारोह में आए बारातियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट भी उपहार में दिए।

हनुमान राम माली का मानना है कि बदलते समय के साथ शादी की परंपराओं में भी सकारात्मक बदलाव होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज लगभग हर घर में बर्तन, फ्रिज, टीवी, कूलर जैसे सामान पहले से ही उपलब्ध होते हैं। ऐसे में शादी में अनावश्यक और दिखावटी खर्च करने के बजाय ऐसा उपहार देना अधिक उचित है जो जीवन और काम दोनों में उपयोगी साबित हो। इसी सोच के साथ उन्होंने बेटी को ट्रैक्टर देने का निर्णय लिया, ताकि वह अपने परिवार के साथ खेती के काम में भी सहयोग कर सके।

शादी समारोह को यादगार और संदेशपूर्ण बनाने के लिए हनुमान राम माली ने बारातियों के सामने एक खास शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि जो भी बाराती दुपहिया वाहन से आएंगे, वे हेलमेट पहनकर ही समारोह में शामिल होंगे। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। शादी के दौरान उन्होंने कई बारातियों को हेलमेट भेंट करते हुए अपील की कि वे रोजाना दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
हनुमान राम माली ने कहा कि देश में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं, जिनमें से कई मामलों में हेलमेट न पहनना बड़ी वजह होता है। यदि लोग नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करें तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि शादी जैसे सामाजिक आयोजनों में यदि ऐसे संदेश दिए जाएं, तो समाज में जागरूकता तेजी से फैल सकती है।
किसान की इस सराहनीय पहल की पूरे रियां बड़ी क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अन्य परिवार भी शादी समारोहों में फिजूलखर्ची कम कर समाजहित से जुड़े ऐसे कदम उठाएं, तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और नई पीढ़ी को भी अच्छी प्रेरणा मिलेगी। यह अनोखी शादी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
– नितिन सिंह
