नागौर, 26 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्थान को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। भजनलाल सरकार की नीतियां राजस्थान के विकास को हौसले की नई उड़ान दे रही रही हैं। प्रदेश सरकार अपने जनकल्याणकारी नीति— निर्णयों से प्रदेश में उद्यम व निवेश की विकासपरक गतिविधियों पर विशेष बल दे रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार, 23 अगस्त को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में उद्यमिता व निवेश को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
*नगरीय क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025 को मंजूरी*
राज्य में सार्वजनिक, सामाजिक, धार्मिक एवं चैरिटेबल संस्थाओं, ट्रस्ट, निजी निवेशकों, कम्पनियों तथा विभिन्न विभागों द्वारा शैक्षणिक, चिकित्सकीय, औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन इकाइयों आदि के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, एकरूप बनाने के उद्देश्य से ‘नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025’ लाई जा रही है। इस नीति में विभिन्न सामाजिक उपयोगों हेतु भूमि आवंटन आरक्षित/डी.एल.सी. दर की 40 प्रतिशत दर पर किया जाएगा। रीको एवं आवासन मंडल को अविकसित भूमि कृषि डी.एल.सी. दर पर आवंटित की जा सकेगी। राजकीय विभागों को उनकी गतिविधियों हेतु निर्धारित सीमा तक भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी। साथ ही पर्यटन, आई.टी. उद्योग जैसी विशिष्ट नीतियों के तहत भी राज्य सरकार की स्वीकृति से भूमि आवंटन किया जा सकेगा। यह नीति भूमि आवंटन नीति-2015 को प्रतिस्थापित करेगी। इस नीति के अंतर्गत आवासीय परियोजना, वाणिज्यिक परिसर, रिटेल फ्यूल स्टेशन, गैस वितरण प्रोजेक्ट, गैस गोदाम, रेड कैटेगरी उद्योग आदि को भूमि आवंटन नहीं किया जाएगा।
*उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना*
राज्य सरकार द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने एवं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करने के उद्देश्य से विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई। इस योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से मार्जिन मनी एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकेंगे या पहले से स्थापित उद्यम का विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण कर सकेंगे। योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर एवं शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान मिलेगा। साथ ही, वित्तीय संस्थान द्वारा दिए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।



*एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों हेतु हवाई पट्टियों की भूमि लीज आवंटन नीति*
राज्य में एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने, वर्तमान में कम उपयोग में आ रही हवाई पट्टियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और एडवेंचर ट्यूरिज्म को प्रोत्साहन देने के लिए “एयरो स्पोर्ट्स गतिविधियों हेतु हवाई पट्टियों की भूमि लीज आवंटन नीति“ को मंजूरी दी गई है। इस नीति से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हांगे, साथ ही राज्य के राजस्व तथा जीडीपी में भी अभिवृद्धि होगी। इस नीति के तहत भूमि का लीज शुल्क 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष तथा कंसेशन शुल्क 6 लाख रुपये प्रति एयरस्ट्रिप प्रति वर्ष होगा। पहले 5 वर्षों तक दरों में 5 प्रतिशत एवं 6वें से 20वें वर्ष तक 10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की जाएगी। लीज अवधि अधिकतम 20 वर्ष की होगी तथा अधिकतम 2000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की जा सकेगी।