जयपुर, 22 जनवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान भारत की आत्मा है। जब किसान सशक्त होता है, तब गांव, प्रदेश और देश—तीनों प्रगति करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण और समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा संकल्प पत्र में किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों और पशुपालकों से अपील की कि वे 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शुरू हो रहे ग्राम उत्थान शिविरों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

मुख्यमंत्री गुरुवार को सिरोही में किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण एवं ग्राम उत्थान शिविर के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है—इसी दिन दो वर्ष पूर्व यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, जिसने सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ किया। साथ ही, इसी दिन महिला सशक्तीकरण के लिए ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत भी हुई थी।
23 जनवरी से हर गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर
मुख्यमंत्री ने बताया कि आमजन तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम उत्थान शिविर शुरू किए जा रहे हैं। इन शिविरों में कृषि और पशुपालन से जुड़ी अनेक योजनाओं के अंतर्गत तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पॉन्ड, फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप जैसी सुविधाओं की स्वीकृतियां दी जाएंगी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदन, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशु पंजीकरण, पशु टीकाकरण, प्राथमिक एवं दुग्ध सहकारी समितियों का पंजीकरण, स्वामित्व कार्ड वितरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत, पीएम सूर्य घर योजना में पंजीकरण तथा वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल संरक्षण से जुड़े कार्य भी शिविरों में संपन्न होंगे।
एक करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसान, महिला एवं श्रमिक लाभार्थियों को 1,590 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में अंतरित की।
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किस्त के रूप में 65 लाख से अधिक किसानों को 653 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई।
फसल खराबे पर 5 लाख किसानों को 327 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया गया।
समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए 10 हजार से अधिक किसानों को 240 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत 4 लाख पशुपालकों को 50 करोड़ रुपये दिए गए।
मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली।
प्रधानमंत्री आवास योजना के 20 हजार लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।
निर्माण श्रमिकों के एक लाख परिवारों को 100 करोड़ रुपये डीबीटी से अंतरित किए गए।
इसके अतिरिक्त, 40 करोड़ रुपये के आधुनिक कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया।
दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि की 6,000 रुपये की राशि में राज्य सरकार ने 3,000 रुपये जोड़कर इसे 9,000 रुपये किया है।
गेहूं खरीद पर पिछले दो वर्षों में 125 रुपये और 150 रुपये का बोनस दिया गया। वहीं, किसानों को राहत देते हुए दो वर्षों में 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराया गया।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता और दिन में बिजली
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 52 हजार सोलर पंप सेट लगाए गए, जिन पर 822 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। आज प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
पशुपालकों के हित में गौशालाओं के अनुदान में 25% वृद्धि, गोपालक परिवारों को 653 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण, तथा मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों से उपचार जैसी सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं।
निवेश, रोजगार और युवा शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में निवेश समिट आयोजित की थी, वहीं वर्तमान सरकार ने आते ही राइजिंग राजस्थान समिट का आयोजन किया। इसके परिणामस्वरूप 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाते हुए अब तक एक लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, 1.43 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और एक लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर घोषित किया जा चुका है।
किसान और सहकारिता का सशक्तीकरण
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में किसानों को सम्मान निधि देकर ऐतिहासिक पहल की। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संकल्प पत्र का वादा निभाते हुए राज्य में किसान सम्मान निधि बढ़ाकर किसानों को सीधा लाभ दिया।
पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्री ओटा राम देवासी ने सिरोही सहित पूरे प्रदेश में विकास कार्यों की गति पर प्रकाश डाला। सांसद श्री मदन राठौड़ ने भी किसानों के लिए बढ़ी हुई सम्मान निधि को ऐतिहासिक कदम बताया।
कृषि प्रदर्शनी, नवाचार और सांस्कृतिक भाव
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जहां सहकारिता, पशुपालन, एफपीओ, प्रगतिशील किसान, कृषि उद्यमी और एग्री-स्टार्टअप्स के स्टॉल लगे थे। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों और मूल्य संवर्धित उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर रामलला प्रतिमा का विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने राजस्थान मूल के एवं महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवंगत श्री राज के. पुरोहित को पुष्पांजलि अर्पित की।
जनभागीदारी से सशक्त भविष्य
कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी मंत्री, जनप्रतिनिधि, किसान आयोग के पदाधिकारी, सांसद, विधायक सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी आमजन जुड़े।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार–किसान साझेदारी के बल पर ही समृद्ध राजस्थान का निर्माण संभव है। ग्राम उत्थान शिविर इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनेंगे—जहां योजनाएं, स्वीकृतियां और समाधान—सब एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
