मेड़ता शहर की शक्ति बस्ती स्थित पुष्टिकर गार्डन में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बैंड की मधुर स्वर लहरियों के साथ निकाली गई कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार लगाए गए, रंगोलियां सजाई गईं तथा पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर भारत माता की आरती कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
स्थानीय बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। प्रियंका समूह थांवला द्वारा नागरिक शिष्टाचार पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। वहीं संगीतकार रजनीश शर्मा ने देशभक्ति गीतों एवं भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम स्थल पर समाज सेवा एवं पंच परिवर्तन से जुड़े विभिन्न कार्यों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
आयोजन समिति के प्रचार प्रमुख जितेंद्र गहलोत ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में समाज के सामान्य नागरिकों द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मेड़ता में यह हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामधाम देवल के उत्तराधिकारी संत रामनिवास शास्त्री ने कहा कि भारत भूमि पवित्र है। हमारे ऋषि-मुनियों ने सदियों पहले ऋतुओं, ग्रहों और प्रकृति के गूढ़ विज्ञान का ज्ञान दिया। सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों और मान्यताओं से जुड़े रहना आवश्यक है ताकि यह विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक गिरधारी लाल ने कहा कि धर्म ही ब्रह्मांड का चालक है। भारत की आध्यात्मिक विरासत अद्वितीय है और यही उसकी वैश्विक पहचान है। जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करता रहेगा, तब तक भारत विश्वगुरु बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पूर्वजों, संतों और ऋषियों से जो समृद्ध विरासत मिली है, वह संसार में दुर्लभ है। इस भूमि ने श्रीराम, श्रीकृष्ण और छत्रपति शिवाजी जैसे महापुरुषों को जन्म दिया, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित किया। समाज को सशक्त बनाने के लिए सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और स्वदेशी आचरण जैसे पंच परिवर्तन को अपनाने का आह्वान किया।
समाज सेविका तृप्ति शर्मा ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू समाज सदैव महिला सशक्तिकरण में अग्रणी रहा है। मातृशक्ति को परिवार में बच्चों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने की भूमिका निभानी चाहिए।
आयोजन समिति अध्यक्ष बृजराज सारडीवाल ने अतिथियों एवं उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कृष्ण चंद्र ने किया। अंत में प्रत्येक घर से एकत्र किए गए अनाज से निर्मित प्रसाद का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में जिला संघ चालक श्याम सुंदर बिड़ला, मनोहर लाल गहलोत, ओमप्रकाश सोनी, पुखराज टाक सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
