China ‘Man Mom’ Trend: महिलाओं को 5 मिनट की झप्पी से स्ट्रेस राहत
बीजिंग। पड़ोसी देश चीन में इन दिनों एक बेहद अनोखा और चर्चा में रहने वाला ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है—‘मैन मम हग सर्विस’। इस ट्रेंड में जिम जाने वाले युवा लड़के महिलाओं को 5 मिनट की झप्पी देकर मानसिक और भावनात्मक सहारा प्रदान करते हैं। यह कोई डेटिंग या रोमांटिक गतिविधि नहीं है, बल्कि पूरी तरह इमोशनल सपोर्ट थेरेपी का हिस्सा माना जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ ‘मैन मम’ ट्रेंड?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेंड की शुरुआत एक कॉलेज छात्रा की वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उसने लिखा कि “थीसिस का स्ट्रेस इतना बढ़ गया है कि बस किसी से गले लगना चाहती हूं।” इस पोस्ट ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा और देखते ही देखते ‘हग थैरेपी’ का चलन पूरे देश में फैल गया।
पहले यह केवल दोस्तों के बीच एक फ्री एक्टिविटी थी, लेकिन मांग बढ़ने के बाद अब यह प्रोफेशनल सर्विस के रूप में बदल गई है।
महिलाओं को मिल रहा है स्ट्रेस से राहत
चीन के बड़े शहरों—बीजिंग, शंघाई और गुआंगझोउ—में महिलाएं वर्क प्रेशर, पढ़ाई के तनाव, बॉडी इमेज प्रेशर और पारिवारिक समस्याओं के कारण मानसिक बोझ महसूस करती हैं। ऐसे में 5 मिनट की एक झप्पी उन्हें राहत, सुरक्षा और भावनात्मक सपोर्ट महसूस कराती है।
कई महिलाएं अपने ‘मैन मम’ को
✔ कॉफी
✔ बुक्स
✔ या छोटे-छोटे गिफ्ट
भी देती हैं ताकि अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकें।
कैसे काम करते हैं ‘मैन मम’?
महिलाएं इन्हें चैट ऐप्स के माध्यम से बुक करती हैं। मिलने की जगह भी सार्वजनिक होती है—
- पार्क
- मेट्रो स्टेशन
- शॉपिंग मॉल
‘मैन मम’ बनने वाले लड़कों का चयन केवल उनके शरीर के आधार पर नहीं होता। उनमें होना चाहिए—
✔ धैर्य
✔ शांत व्यवहार
✔ मां जैसा स्नेह
✔ अच्छा कम्युनिकेशन
महिलाएं बुकिंग के समय इन लड़कों का लुक, नेचर, बात करने का तरीका और एटीट्यूड देखकर तय करती हैं कि कौन उन्हें बेहतर इमोशनल सपोर्ट दे सकता है।
कमाई भी हो रही है, मगर मकसद अलग
इन लड़कों को एक हग के बदले 20 से 50 युआन यानी लगभग 250 से 600 रुपये मिलते हैं।
एक युवक झोउ ने बताया कि वह अब तक 34 हग देकर 1758 युआन कमा चुका है। हालांकि, अधिकांश लड़के इसे फुल-टाइम जॉब नहीं मानते, बल्कि साइड इनकम और समाजिक मदद के रूप में देखते हैं।
विवाद भी कम नहीं
जहां यह ट्रेंड कई महिलाओं को राहत दे रहा है, वहीं इसका विरोध भी हो रहा है।
कुछ लोग कहते हैं कि यह केवल फिजिकल डिज़ायर का बहाना है।
कई विशेषज्ञों और वकीलों ने चेताया है कि यदि इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो कुछ लोग इसे सेक्शुअल हैरासमेंट का जरिया बना सकते हैं।
इसके बावजूद चीन के आधुनिक और तेज़ रफ्तार शहरों में यह ट्रेंड युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाओं का विषय बना हुआ है।
नितिन / वीबीटी न्यूज
20 नवंबर 2025
