पुष्कर। गुर्जर समाज में शिक्षा, सामाजिक एकता और अधिकारों की चेतना का अलख जगाने वाले गुर्जर आरक्षण आंदोलन के प्रमुख प्रणेता स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला की चतुर्थ पुण्यतिथि पर मंगलवार को वीर गुर्जर घाट, पुष्कर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कर्नल बैसला के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
इस अवसर पर गुर्जर भवन में स्थापित कर्नल बैसला की प्रतिमा पर उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद वीर गुर्जर घाट पर विधि-विधान से हवन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। पूरे आयोजन में वातावरण श्रद्धा और सम्मान से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह बैसला ने कर्नल साहब के जीवन संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि समाज के उत्थान के लिए उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वहीं भाजपा जिला मंत्री नागौर जसाराम गुर्जर सुदवाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि कर्नल बैसला का सपना एक स्वस्थ, शिक्षित और कर्ज मुक्त समाज का निर्माण करना था। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा पर जोर देते हुए ‘पढ़ी-लिखी मां’ की अवधारणा को समाज में मजबूत करने का प्रयास किया। आज उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से समाज के युवा आईएएस, आरएएस सहित विभिन्न प्रशासनिक और अन्य क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेता शिवप्रकाश गुर्जर, हनुमान गुर्जर लाखीना, एडवोकेट हरि सिंह गुर्जर, पार्षद नोरत गुर्जर, गोविंद पोसवाल (युवा गुर्जर महासभा अध्यक्ष, अजमेर), हरचंद गुर्जर, मदनलाल आलनियावास, महेश हाकला, सांवरमल गुर्जर लाखीना, हरदयाल गुर्जर, अमरचंद गुर्जर, एडवोकेट ओमप्रकाश गुर्जर, प्रताप गुर्जर नांद, गोपाल गुर्जर देवगढ़, ओमप्रकाश गुर्जर देवनगर, रायमल गुर्जर, मदन गुर्जर बांसेड, नारायण गुर्जर (महासभा अध्यक्ष, पुष्कर), बनाराम गुर्जर, राजू गुर्जर बांसेड, मंगलाराम गुर्जर, लक्ष्मण गुर्जर सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान कर्नल बैसला के योगदान और उनके संघर्षों को याद करते हुए समाज के लोगों ने एकजुटता का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि कर्नल बैसला ने जिस उद्देश्य के साथ अपने जीवन को समाज सेवा में समर्पित किया, उसे आगे बढ़ाना हर समाजजन की जिम्मेदारी है।
– नितिन सिंह
