डेगाना पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई: 425 किलो डोडा चूरा बरामद
नागौर जिले के डेगाना क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर वह दृश्य सामने आया, जिसने पूरे जिले की कानून-व्यवस्था पर नई रोशनी डाल दी। पहली बार डोडा–पोस्त तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग की—और पहली बार ही उनकी यह चाल पलट गई। डेगाना पुलिस ने न सिर्फ साहस दिखाया, बल्कि पल भर का भी समय गंवाए बिना दहशत फैलाने वाले तस्करों की कमर तोड़ दी।
थानाधिकारी हरीश सांखला के नेतृत्व में, डीएसटी टीम सदस्य कानि. संजीव धायल सहित पुलिस दल क्षेत्र में नियमित गश्त पर था। तभी डेगाना–कितलसर बाइपास पर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो (RJ 51 UB 0088) नज़र आई। पुलिस ने वाहन को रुकवाने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने नाकाबंदी तोड़ दी और आरोपियों ने तेज रफ्तार में भागने की कोशिश की।

50 मीटर की दौड़ और अचानक पलटी किस्मत
भागती स्कॉर्पियो के टायर अचानक फट गए और वाहन सड़क किनारे रुक गया। जैसे ही गाड़ी थमी, उसमें बैठे तीन युवक खेतों की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया। भागते समय एक आरोपी ने अपने साथी से कहा—“गोली चला।” और तत्काल एक युवक ने पुलिस पर फायर कर दिया।
लेकिन कानून के पहरेदार पीछे हटने वाले नहीं थे। पुलिस ने पलटवार नहीं, साहस का रास्ता चुना—और फायर करने वाले युवक को वहीं दबोच लिया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, नाम सामने आया
गिरफ्तार व्यक्ति ने अपना नाम अमृत पुत्र ओमप्रकाश (निवासी मादलिया, थाना बोरूंदा, जोधपुर ग्रामीण) बताया।
इतिहास की सबसे बड़ी बरामदगी—23 कट्टों में 425 किलो 700 ग्राम डोडा चूरा
वाहन की तलाशी में पुलिस को मिला:
425.700 किलो डोडा चूरा / पोस्त (23 कट्टे)
12 बोर पंप-एक्शन गन
7 जिंदा कारतूस
फर्जी नंबर प्लेटें
यह बरामदगी डेगाना थाना क्षेत्र की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
तीन तस्कर अब भी फरार
पुलिस ने फरार आरोपियों की पहचान भी कर ली है—
भोपाल पंवार पुत्र खमुराम विश्नोई, निवासी विश्नोइयों की ढाणी, पांचला सिद्धा (थाना खींवसर)
गणेश बेनिवाल पुत्र भूराराम जाट, निवासी गोगलाव (थाना सदर नागौर)
निम्बाराम पुत्र मोहनराम, निवासी जसनाथपुर बिरलोका (थाना खींवसर)
तीनों तस्करों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और छापेमारी जारी है।
आरोपियों का बढ़ता हौसला और पुलिस का कड़ा प्रहार
यह घटना स्पष्ट करती है कि नशा तस्करों के हौसले लगातार बढ़ रहे थे—लेकिन गुरुवार की यह कार्रवाई उनके नेटवर्क पर सीधी चोट है। पुलिस पर हमला करना कानून की सीमा लांघने का अंतिम कदम होता है, और यह कदम तस्करों को बुरी तरह भारी पड़ गया।
पुलिस ने डोडा–पोस्त तस्करी, अवैध हथियार रखने और पुलिस पर हमले जैसे गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है।
संदेश साफ है—कानून के आगे कोई बड़ा नहीं
डेगाना पुलिस की तेज़ कार्रवाई इस बात को साबित करती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालें चलें, कानून की आंख सब देखती है और उसका हाथ हमेशा सही समय पर पड़ता है।
नितिन सिंह/ वीबीटी न्यूज/ 27 नवंबर 2026
