March 19, 2026
1773938567980

नागौर। जिले में साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आमजन की सुरक्षा और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठगों ने “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर एक 67 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर से 34 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस दौरान आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को तीन दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा।

नागौर साइबर थाना के डीएसपी धर्म पूनिया के अनुसार, गोटन निवासी रिटायर्ड डॉक्टर जस्साराम को 28 से 30 दिसंबर 2025 के बीच ठगों ने अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने फोन कर खुद को बेंगलुरु का आईपीएस अधिकारी संदीप दीवान बताया और कहा कि उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच में गंभीर मामला दर्ज है।

ठगों ने डॉक्टर पर महिलाओं को अश्लील संदेश भेजने और मानव तस्करी जैसे संगीन आरोप लगाए। इतना ही नहीं, उन्हें “सदाकत खान” नामक कथित मानव तस्कर के साथ 3 करोड़ रुपये के लेनदेन में शामिल होने का भी झूठा आरोप लगाया गया। इस तरह के आरोपों से डॉक्टर को पूरी तरह भयभीत कर दिया गया।

इसके बाद ठगों ने एक महिला को कॉल पर जोड़ा, जिसने खुद को आईजी “बोनी” बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी के आदेश देने का नाटक किया। लगातार कॉल पर रखकर और गिरफ्तारी का डर दिखाकर डॉक्टर को मानसिक रूप से इतना दबाव में डाल दिया गया कि वे पूरी तरह टूट गए। इस दौरान उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” की स्थिति में रखा गया, यानी वे ठगों के निर्देशों के बिना कोई कदम नहीं उठा पा रहे थे।

भय और तनाव के माहौल में डॉक्टर ने तीन दिनों के भीतर अलग-अलग खातों में कुल 34 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। घटना का असर इतना गहरा था कि डॉक्टर अवसाद में चले गए और उन्होंने आत्महत्या तक का विचार बना लिया।

करीब एक महीने बाद, 21 जनवरी 2026 को जब परिजनों ने उनकी मानसिक स्थिति में बदलाव देखा और पूछताछ की, तब पूरी सच्चाई सामने आई। इसके बाद परिवार ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सीए सलमान, मास्टरमाइंड योगेंद्र, बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले विवेक और इमरान शामिल हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। “डिजिटल अरेस्ट” जैसी चालें आमजन के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं।

सावधानी ही बचाव:

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, विशेषकर खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

All India Bar Examination (AIBE) 20 का रिज़ल्ट जल्द जारी किया जाएगा। प्रेमी जोड़े पर पंचायत का फरमान, गांव में मचा हड़कंप संघर्ष से स्टार तक: हार्दिक पांड्या की प्रेरणादायक कहानी PM किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त: फरवरी 2026 तक आ सकती है ₹2,000 की राहत, किसानों को इंतजार जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जन्मदिवस पर भाजपा युवा मोर्चा का सेवा पखवाड़ा, सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल वितरण
All India Bar Examination (AIBE) 20 का रिज़ल्ट जल्द जारी किया जाएगा। प्रेमी जोड़े पर पंचायत का फरमान, गांव में मचा हड़कंप संघर्ष से स्टार तक: हार्दिक पांड्या की प्रेरणादायक कहानी PM किसान सम्मान निधि 22वीं किस्त: फरवरी 2026 तक आ सकती है ₹2,000 की राहत, किसानों को इंतजार जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जन्मदिवस पर भाजपा युवा मोर्चा का सेवा पखवाड़ा, सैकड़ों जरूरतमंदों को कंबल वितरण