नागौर। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में खाद्य व्यापारियों और फूड हैंडलर्स को फोस्टेक (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण मंगलवार को नागौर जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में आयोजित हुआ।

अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि राज्य की खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली से अधिकृत एजेंसी द्वारा भेजे गए।
कार्यशाला में राज्य मुख्यालय जयपुर से आईं मास्टर ट्रेनर डॉ. अजपा भारद्वाज ने संभागियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य व्यापारियों को रीयूज्ड कुकिंग ऑयल (आरयूसीओ) के उपयोग और उससे होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री तैयार करने के नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया।
इससे पूर्व स्वागत भाषण उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. सारण ने दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी खाद्य व्यापारियों एवं भोजन तैयार करने वाले कर्मियों से अपील की कि वे स्वच्छता के मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण में जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स, मिड डे मील के कुक, विभिन्न आवासीय विद्यालयों के भोजन बनाने वाले कर्मचारी, राजीविका समूह के सदस्य सहित सभी प्रकार के खाद्य व्यापारियों ने भाग लिया।
इसके अलावा मिठाई व नमकीन विक्रेता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, डेयरी संचालक, थोक व खुदरा किराना व्यापारी, तेल व्यापारी, फल-सब्जी विक्रेता, चाय की थड़ी लगाने वाले, कचौरी-पकौड़ी बनाने वाले और सभी स्ट्रीट वेंडर्स ने भी इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर आगंतुकों का आभार प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी विक्रम बेड़ा ने जताया। कार्यक्रम संयोजन जिला कार्यक्रम समन्वयक हेमंत उज्जवल ने किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजीविका मिशन, शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की भी सहभागिता रही।
– नितिन सिंह
