बांग्लादेश में फिलिस्तीन के समर्थन में सक्रिय संगठन Palestine Solidarity Committee ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह गाजा के लिए प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स में किसी भी प्रकार की भागीदारी से दूर रहे। संगठन का कहना है कि Bangladesh का ऐतिहासिक, नैतिक और कूटनीतिक रुख हमेशा फिलिस्तीनी जनता के साथ रहा है, और किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य ढांचे में शामिल होना इस परंपरागत नीति के विपरीत होगा।
समिति द्वारा जारी बयान में कहा गया कि Gaza इस समय भीषण मानवीय संकट से जूझ रहा है। यहां आम नागरिक हिंसा, जबरन विस्थापन और भोजन, पानी व चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे हालात में किसी “स्टेबिलाइजेशन फोर्स” की तैनाती जमीन पर सैन्य मौजूदगी को और बढ़ा सकती है, जिससे शांति स्थापित होने के बजाय हालात और अधिक बिगड़ने की आशंका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, समिति ने Mohammed Yunus की अंतरिम सरकार की उस कथित रुचि की आलोचना की है, जिसमें गाजा के लिए बनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में शामिल होने के संकेत दिए गए थे। संगठन का स्पष्ट कहना है कि फिलिस्तीन समस्या का समाधान किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई में नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण राजनीतिक समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के सख्त पालन में निहित है।
समिति के सदस्य सचिव प्रोफेसर एमडी हारुन-ओर-रशीद ने आशंका जताई कि इस तरह की स्टेबिलाइजेशन फोर्स का वास्तविक उद्देश्य Israel की सुरक्षा सुनिश्चित करना हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके नाम पर गाजा में आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे लोगों से हथियार छीनने और फिलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जाएगी, जो किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।
संगठन ने दावा किया कि बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Khalilur Rahman ने अमेरिका दौरे के दौरान Washington में अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स में बांग्लादेश की संभावित भागीदारी पर चर्चा की थी। बताया गया कि उन्होंने Allison Hooker सहित अधिकारियों के साथ इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक स्तर पर विचार-विमर्श किया। यह जानकारी यूनुस के प्रेस विंग के बयान के हवाले से सामने आई, जिसके बाद देश के भीतर विरोध तेज हो गया।
कमेटी ने याद दिलाया कि बांग्लादेश स्वयं संघर्ष और आज़ादी की लड़ाई से जन्मा देश है। इसलिए यहां की जनता स्वाभाविक रूप से उत्पीड़न, कब्जे और अन्याय के खिलाफ खड़े लोगों के दर्द को समझती है। संगठन का कहना है कि बांग्लादेश ने हमेशा United Nations और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन किया है और इजराइली कब्जे की आलोचना की है। ऐसे में गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स में शामिल होना देश की इसी नैतिक और कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा ऐसे समय उठा है जब गाजा और पूरा मध्य पूर्व वैश्विक राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।
नितिन/वीबीटी न्यूज| 12 जनवरी 2026
