बेंगलुरु । कर्नाटक के गडग जिले के लक्कुंडी गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर की नींव की खुदाई के दौरान मजदूरों को सोने के आभूषणों से भरा एक तांबे का बर्तन मिला। यह घटना शनिवार को सामने आई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
जानकारी के अनुसार, मजदूर जब नींव के लिए जमीन की खुदाई कर रहे थे, तभी वहां मौजूद आठवीं कक्षा के छात्र प्रज्वल ऋत्विक की नजर मिट्टी में दबे एक तांबे के बर्तन पर पड़ी। जब बर्तन को बाहर निकाला गया तो उसमें सोने के हार, बालियां और अन्य कीमती आभूषण रखे हुए थे। कुल मिलाकर बर्तन में 22 सोने की वस्तुएं पाई गईं, जिनका कुल वजन करीब 470 ग्राम आंका गया है।
गडग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्र प्रज्वल ऋत्विक ने ईमानदारी का परिचय देते हुए इस खजाने की जानकारी तुरंत गांव के वरिष्ठ नागरिकों को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभागों को सूचित किया। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुरातत्व विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की।
प्रशासन द्वारा प्राथमिक जांच के बाद सोने के सभी आभूषणों को विधिवत जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह सोना किस काल का है और किसका हो सकता है, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ऐतिहासिक धरोहर है या किसी पुराने परिवार द्वारा सुरक्षा के लिहाज से जमीन में दबाया गया खजाना।
फिलहाल, नियमानुसार जब्त किया गया सोना सरकारी संरक्षण में रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस खजाने पर किसका अधिकार होगा। गांव में इस घटना के बाद कौतूहल और चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग छात्र की ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं और उसे उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ईमानदारी आज भी जिंदा है और सही समय पर लिया गया सही कदम पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज घर की नींव से निकला खजाना! खुदाई में मिला 470 ग्राम सोना, सरकार ने लिया कब्जे में
बेंगलुरु (ईएमएस)।
कर्नाटक के गडग जिले के लक्कुंडी गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर की नींव की खुदाई के दौरान मजदूरों को सोने के आभूषणों से भरा एक तांबे का बर्तन मिला। यह घटना शनिवार को सामने आई, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
जानकारी के अनुसार, मजदूर जब नींव के लिए जमीन की खुदाई कर रहे थे, तभी वहां मौजूद आठवीं कक्षा के छात्र प्रज्वल ऋत्विक की नजर मिट्टी में दबे एक तांबे के बर्तन पर पड़ी। जब बर्तन को बाहर निकाला गया तो उसमें सोने के हार, बालियां और अन्य कीमती आभूषण रखे हुए थे। कुल मिलाकर बर्तन में 22 सोने की वस्तुएं पाई गईं, जिनका कुल वजन करीब 470 ग्राम आंका गया है।
गडग के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि छात्र प्रज्वल ऋत्विक ने ईमानदारी का परिचय देते हुए इस खजाने की जानकारी तुरंत गांव के वरिष्ठ नागरिकों को दी। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभागों को सूचित किया। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुरातत्व विभाग और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की।
प्रशासन द्वारा प्राथमिक जांच के बाद सोने के सभी आभूषणों को विधिवत जब्त कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह सोना किस काल का है और किसका हो सकता है, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ऐतिहासिक धरोहर है या किसी पुराने परिवार द्वारा सुरक्षा के लिहाज से जमीन में दबाया गया खजाना।
फिलहाल, नियमानुसार जब्त किया गया सोना सरकारी संरक्षण में रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस खजाने पर किसका अधिकार होगा। गांव में इस घटना के बाद कौतूहल और चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग छात्र की ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं और उसे उदाहरण के तौर पर पेश किया जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ईमानदारी आज भी जिंदा है और सही समय पर लिया गया सही कदम पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
