संवाददाता/मुरलीधर पारीक
नागौर जिले थांवला के ग्राम कोड में मंगलवार को अज्ञात कारणों से अचानक लगी आग ने एक किसान परिवार को भारी नुकसान पहुंचा दिया। आगजनी की इस घटना में पशुओं का चारा, कृषि कार्य में काम आने वाले उपकरण तथा घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कोड निवासी किसना राम पुत्र शंकर राम के घर के पास खुले स्थान पर पशुओं के लिए चारा रखा हुआ था। मंगलवार दोपहर अचानक उस चारे में आग लग गई। उस समय परिवार के सभी सदस्य खेत में कृषि कार्य में व्यस्त थे और घर पर कोई मौजूद नहीं था। किसान के पुत्र सुरेश रेगर ने बताया कि वे खेत में काम कर रहे थे, तभी घर की दिशा से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही क्षणों में आग की लपटें तेज हो गईं।
स्थिति को गंभीर देख सुरेश तुरंत घर की ओर दौड़े और शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी। शोर सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया गया, अन्यथा पास में रखे अन्य सामान और मकान तक आग फैल सकती थी।

इस घटना में पशुओं का करीब 3 से 4 डाला चारा पूरी तरह जल गया। इसके अलावा कृषि कार्य में प्रयुक्त 3-4 बंडल ड्रिप पाइप, फव्वा
रा पाइ
प, तीन बड़े तिरपाल, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार किसान परिवार को हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना हल्का पटवारी को दूरभाष के माध्यम से दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान को शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि उसे हुए नुकसान की भरपाई हो सके। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन ग्रामीणों की सजगता से एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।
गया।
