संवाददाता | डी डी चारण / मेड़ता सिटी, नागौर
नागौर। डेगाना रेलवे स्टेशन पर कुछ दिन पहले मिले एक 10 वर्षीय गुमशुदा बालक की पहचान आखिरकार हो गई है। यह बालक मध्यप्रदेश के जबलपुर के खितौला क्षेत्र का निवासी निकला। पढ़ाई के डर और परिजनों से कहासुनी के चलते घर से बिना बताए निकल गया था।
🚉 डेगाना रेलवे स्टेशन पर मिला था बालक
घटना की शुरुआत तब हुई जब ट्रेन में यात्रा कर रहे एक टीटी की नजर इस मासूम पर पड़ी। बालक अकेला और डरा हुआ लग रहा था। टीटी ने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नागौर को सूचना दी। इसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को डेगाना रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किया और बाल कल्याण समिति (CWC) नागौर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
🏠 अस्थायी रूप से भेजा गया नागौर गृह
समिति ने प्रारंभिक जांच के बाद बालक को सुरक्षित रखने के लिए नागौर गृह (चाइल्ड होम) भेज दिया। समिति अध्यक्ष मनोज सोनी ने बच्चे से काउंसलिंग की, जिसमें उसने बताया कि वह जबलपुर का रहने वाला है और बिना बताए घर से भाग गया था। बच्चे ने यह भी कहा कि अब वह घर वापस जाना चाहता है।
📞 जबलपुर पुलिस से हुआ संपर्क
समिति अध्यक्ष मनोज सोनी ने तत्परता दिखाते हुए जबलपुर थाना पुलिस से संपर्क साधा। जांच में पता चला कि बालक का इलाका खितौला थाना क्षेत्र में आता है। इसके बाद खितौला थाना प्रभारी टीआई अर्चना सिंह से संपर्क किया गया। अर्चना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत बालक के पिता का पता लगाया।
जब बालक की अपने पिता से फोन पर बात कराई गई, तो दोनों की आवाज सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं। पिता ने कहा कि वे कई दिनों से अपने बेटे की तलाश में थे और अब उसकी खबर सुनकर उन्हें सुकून मिला है।
🤝 बाल कल्याण समिति का सराहनीय प्रयास
बालक के गृह क्षेत्र की पुष्टि होने पर बाल कल्याण समिति न्यायपीठ नागौर ने जबलपुर समिति से समन्वय कर पारिवारिक पुनर्वास के आदेश जारी किए। अध्यक्ष मनोज सोनी के साथ समिति सदस्य निधि हेडा, रामलाल कुंवाड़, नत्थुराम मेघवाल और गोपाल राम फूलफगर ने मिलकर इस प्रक्रिया को सफल बनाया।
🚔 जबलपुर के लिए रवाना हुई पुलिस टीम
बालक को अब नागौर पुलिस टीम जबलपुर लेकर रवाना हो चुकी है, जहां बाल कल्याण समिति जबलपुर के माध्यम से बालक को उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंपा जाएगा ।
यह घटना दिखाती है कि यदि समाज और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तो हर गुमशुदा बच्चा अपने घर तक लौट सकता है। बाल कल्याण समिति नागौर, खितौला पुलिस, और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त कोशिशों ने एक परिवार को फिर से मिलाने का काम किया है।
डेस्क/नितिन सिंह/ वीबीटी न्यूज / 06 नवंबर 2025
