होकरा सम्मेलन: मंत्री रावत ने ग्रामीण पत्रकारों को बताया लोकतंत्र की ताकत
होकरा ( अजमेर )।
राजस्थान ग्रामीण पत्रकार संघ द्वारा आयोजित अजमेर संभागीय सम्मेलन बुधवार को पुष्कर के निकट होकरा ग्राम में उत्साह, ऊर्जा और नए विचारों की सुगंध के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक श्री सुरेश सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर केकड़ी विधायक श्री शत्रुघ्न गौतम, किशनगढ़ के पूर्व विधायक श्री सुरेश टांक, तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरेंद्र चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्यजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम में ग्रामीण पत्रकारिता के विकास, बदलते मीडिया परिवेश में पत्रकारों की चुनौतियों और जमीनी मुद्दों की संवेदनशील रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विमर्श हुआ। सम्मेलन ने ग्रामीण इलाकों की धड़कनों को समझकर लिखने वाले पत्रकारों की भूमिका को नए आयाम दिए।
ग्रामीण पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ — मंत्री रावत
अपने प्रेरक संबोधन में मंत्री रावत ने कहा कि—
“ग्रामीण पत्रकार हमारे लोकतंत्र की मूल शक्ति हैं। सीमित साधनों के बीच भी सत्य और तथ्य की रोशनी आमजन तक पहुँचाना आपकी निष्ठा और साहस को दर्शाता है।”
उन्होंने जोर दिया कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का क्षेत्र नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली ताकत है। ग्रामीण पत्रकारों में वह संवेदनशीलता और जमीनी समझ होती है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक तथ्यात्मक सूचनाएँ पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मंत्री रावत ने ग्रामीण पत्रकारों द्वारा लगातार किए जा रहे जनहित कार्यों और पारदर्शिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश से जुड़े वास्तविक मुद्दों को उजागर करने की क्षमता ही उन्हें अन्य मीडिया श्रेणियों से अलग पहचान देती है।
तकनीकी दक्षता और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष बल
सम्मेलन में मंत्री रावत ने ग्रामीण पत्रकारों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें शामिल थे—
- पत्रकारों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनकी कौशल दक्षता बढ़ाई जाए।
- स्थानीय व सामुदायिक मुद्दों पर गहन और संवेदनशील रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित किया जाए।
- ग्रामीण पत्रकार संगठन को संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाया जाए।
उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्रामीण पत्रकारों की समस्याएँ, संसाधन और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी।
सम्मेलन बना नई दिशा देने वाला मंच
यह संभागीय सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण पत्रकारिता की नई संभावनाओं का उदय था—एक ऐसा अथक प्रयास जो गांवों की आवाज को और बल देगा।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने मंत्री रावत द्वारा साझा किए गए विचारों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन भविष्य में पत्रकारिता की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रभाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/26 नवंबर 2026
