नागौर। भारत सरकार द्वारा जल संरक्षण के उद्देश्य से चलाए जा रहे “जल शक्ति अभियान”, जो केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, की नागौर जिले में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा के लिए कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निदेशक एवं नागौर जिले के जल शक्ति अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी नीरज कुमार ने की।
बैठक में जिले में जल शक्ति अभियान के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। नीरज कुमार ने अभियान से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र कुमार ने पीपीटी के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। केन्द्रीय नोडल अधिकारी ने बैठक के दौरान जिले में जल संरक्षण के तहत किए जा रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति, चुनौतियों एवं भविष्य की योजनाओं पर गंभीरता से कार्य करने एवं हर स्तर के कार्य में प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। नीरज कुमार ने अधिकारियों से कहा कि जल शक्ति अभियान भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बनना चाहिए जिसमें हर नागरिक, संस्था एवं सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है उन्होंने कहा कि जिले में जो कार्य पूर्व मानसून में किए गए हैं, उनकी मानसून उपरांत समीक्षा अति आवश्यक है, ताकि यह समझा जा सके कि इन उपायों का वास्तविक प्रभाव क्या रहा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे प्रस्तावित कार्ययोजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करें और स्थायी जल संरक्षण संरचनाओं पर ध्यान केंद्रित करें। बैठक में उन्होंने अभियान को सफल बनाने एवं अधिक से अधिक पौधरोपण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम विभिन्न कार्यों का निरीक्षण करेगी, इसके साथ ही जिला मुख्यालय पर जल शक्ति केंद्र में पानी जांच की भी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी जिले में टांका निर्माण के कार्य किए गए हैं वहां फेसिंग हो तो जल संचय आसानी से होगा। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों में निरीक्षण के दौरान सामने आई कई कर्मियों में सुधार करने तथा जहां बेहतरीन तरीके से कार्य किए गए वहां बारिश के पानी को संचय करने हेतु टांको में सीधा कनेक्शन करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांवों में जेजेएम के तहत किए गए कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग हो तथा आम जनता तक पानी सुलभता से पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में नीरज कुमार ने जड़ा तालाब के चारों ओर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा इसे और अधिक आकर्षक बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को नर्सरी में पौध तैयार करने और अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपके आसपास का संपूर्ण क्षेत्र हरा-भरा हो तथा वर्षा जल को संग्रहित करें। बैठक में उन्होंने कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छत के पानी को स्टोर करने की पूर्ण व्यवस्था हो तथा ग्रामीणों के सहयोग से अधिक से अधिक पानी संचय करें। साथ ही अधिकारी जहां भी जाएं वहां पानी बचाने व पौधे लगाने का संदेश अवश्य दें और शॉर्ट टर्म कार्य करने की बजाय लॉन्ग टर्म कार्य करें। इस दौरान उन्होंने जिले में सड़क किनारे भी पौधरोपण करने एवं जागरूकता लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर तक के सभी कार्यों की साप्ताहिक रिपोर्टिंग प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित, वन विभाग एवं जल शक्ति अभियान से संबंधित सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।