प्रेम सिंह की रिपोर्ट
आलनियावास।कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत शुक्रवार को भेरूंदा कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच शोभा देवी ने कोड, सथाना, टेहला एवं सूदवाड़ा कस्बों में जनसंपर्क चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान नरेगा श्रमिकों सहित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की कड़ी आलोचना की और नरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों को गरीबों के अधिकारों पर हमला बताया।
ब्लॉक अध्यक्ष शोभा देवी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) वर्ष 2005 में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार की ऐतिहासिक पहल थी, जिसे गरीब और मजदूर वर्ग को काम का अधिकार देने के उद्देश्य से लागू किया गया। यह योजना विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजनाओं में से एक है, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को आजीविका का सहारा मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार नरेगा का नाम बदलने और इसके स्वरूप में फेरबदल कर मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जुड़ें और अपने रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए जागरूक रहें। शोभा देवी ने अपने राजनीतिक संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वे सरपंच बनने से पहले स्वयं नरेगा योजना में मेट के रूप में कार्य कर चुकी हैं और मजदूरों के हक की आवाज उठाती रही हैं। इसी जनसेवा और संघर्ष के कारण उन्हें आलनियावास में अब तक का सर्वाधिक मतों से विजय प्राप्त करने का गौरव मिला।
इस अवसर पर कांग्रेसी नेता रामस्वरूप बिश्नोई, धनाराम लांछ, प्रशासक टेहला दौलतराम रावल, कोड नाथूराम तेतरवाल, श्यामसिंह चारण, मोहम्मद अयूब सथाना, हरकिशन बाना, चेनाराम रिणवा, रघुवीर सिंह रिणवा, नेमाराम, कैलाश मेहरा, मदनलाल गुर्जर, नारायण सिंह खंगारोत, जसराज मारोठिया सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। चौपाल में नरेगा को मजबूत बनाए रखने का संकल्प भी लिया गया।
