जसनगर, 8 फरवरी।
रियां बड़ी क्षेत्र के पास लूणी नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची जसनगर पुलिस टीम पर खनन माफिया से जुड़े लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान थाना प्रभारी उप निरीक्षक राजमल के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़ दिए गए और हाथ में गंभीर चोट आई। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

अवैध खनन की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम
प्राप्त जानकारी के अनुसार जसनगर थाना प्रभारी राजमल को लूणी नदी क्षेत्र में अवैध रूप से बजरी खनन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वे अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां पहुंचने पर पुलिस को बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी मिली।
पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक महावीर जाट को हिरासत में लिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया।
आरोपी के परिजनों ने की झड़प, ट्रैक्टर लेकर भागे
इसी दौरान सूचना मिलने पर महावीर जाट के पिता राजूराम जाट मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से झड़प शुरू कर दी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने का प्रयास करने लगे। आरोप है कि राजूराम ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही ट्रैक्टर स्टार्ट कर दिया और उसे अपने घर की ओर भगा ले गया।
इस समय थाना प्रभारी राजमल ट्रैक्टर पर ही मौजूद थे। बावजूद इसके आरोपी ट्रैक्टर को तेज गति से लेकर भाग निकला। पुलिस टीम लगातार उसका पीछा करती रही।
रास्ते में खाली की गई बजरी
भागते समय राजूराम ने रास्ते में ही ट्रैक्टर से बजरी खाली कर दी, ताकि सबूत नष्ट किए जा सकें। इसके बाद भी पुलिस टीम ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और लगातार पीछे चलती रही।
कुछ दूरी पर जाकर आरोपी ने ट्रैक्टर को पड़ोस के एक बाड़े में डाल दिया। वहां ट्रैक्टर खड़ा कर वह मौके से उतरकर फरार हो गया।
बाड़े में पुलिस पर हमला, थाना प्रभारी घायल
जब पुलिस टीम ट्रैक्टर तक पहुंचने के लिए बाड़े में दाखिल हुई, तो वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने थाना प्रभारी राजमल के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।
इस दौरान उनके कपड़े फट गए और हाथ में गंभीर चोट लगने से खून बहने लगा। हमले के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी राजूराम जाट वहां से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने किया बीच-बचाव
हमले और शोर-शराबे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस का बचाव किया और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और बाड़े में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को जसनगर पुलिस थाने लाया गया।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हमले में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों पर हमला करना और अवैध खनन जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्षेत्र में बढ़ सकती है पुलिस की सख्ती
इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ पुलिस की सख्ती और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन अब खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बना रहा है।
सूत्रों के अनुसार लूणी नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन अब पुलिस इस पर कठोर कदम उठाने के मूड में है।
थाना प्रभारी का बयान
इस मामले में थाना प्रभारी राजमल ने बताया कि—
“हमें लूणी नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर महावीर जाट बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मिला। उसे पकड़कर थाने ले जाया जा रहा था, तभी उसके पिता राजूराम जाट ने ट्रैक्टर छुड़ाकर भगा दिया। पीछा करने पर सड़क किनारे एक बाड़े में हम पर हमला किया गया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
अवैध खनन से पर्यावरण को भी नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि लूणी नदी क्षेत्र में लगातार हो रहा अवैध बजरी खनन न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर नुकसानदायक है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होता है और आसपास के गांवों में भूजल स्तर पर भी असर पड़ता है।

इसी कारण प्रशासन समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे मामलों पर रोक लगाने की कोशिश करता है।
जनता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी रोष देखने को मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन माफिया के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे अब पुलिस पर भी हमला करने से नहीं डरते।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
– नितिन सिंह
