नागौर, 11 जनवरी।
जिले के प्रभारी मंत्री एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी व भू-जल विभाग मंत्री कन्हैयालाल चौधरी रविवार को नागौर जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जायल उपखंड की ग्राम पंचायत कठौती में आयोजित जनसभा को संबोधित किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

प्रभारी मंत्री ने पानी, बिजली और सड़क से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ये आमजन की मूलभूत आवश्यकताएं हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों।
कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने संसद द्वारा हाल ही में पारित “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025” को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है, जिससे मेहनतकश ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन गया है और काम न मिलने की स्थिति में यह स्वतः देय होगा।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को समय पर उनका पूरा हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब कार्यों की योजना ग्राम सभा स्तर पर तय होगी और ग्राम पंचायतें अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेंगी, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी।
इससे पूर्व जिला परिषद सीईओ अरविंद जाखड़ ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत जायल में वेयरहाउस एवं ग्रेडिंग प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। वहीं किसान प्रतिनिधि बस्तीराम ने ग्रामीणों की मांगें रखते हुए कृषि महाविद्यालय की स्थापना, एमएसपी पर फसल खरीद के लिए टोकन संख्या बढ़ाने, पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता और बिजली आपूर्ति सुधार की मांग रखी।
बिजली समस्या पर प्रभारी मंत्री ने डिस्कॉम अधिकारियों को मौके पर बुलाकर सख्त निर्देश दिए और कहा कि विभागीय लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फसल बीमा से जुड़ी शिकायतों पर उन्होंने किसानों को सतर्क रहने और अधिकारियों को क्रॉप कटिंग किसानों की मौजूदगी में करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने जायल शहर में बायपास निर्माण, खेल मैदान व सिंथेटिक ट्रैक, नवोदय विद्यालय, सार्वजनिक पुस्तकालय, पोस्ट ऑफिस सुधार, मिनी सचिवालय, अंबेडकर भवन सहित कई विकासात्मक मांगें रखीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीटी स्कैन मशीन व तरनाऊ में ट्रोमा सेंटर की आवश्यकता बताई गई।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री ने आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और मानदेय बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मांगों की मौके पर जांच कर त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित, जनप्रतिनिधि तथा सभी विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
