November 30, 2025
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रोजाना कच्चा प्याज खाने के फायदे: पाचन, त्वचा और दिल को लाभ

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नई दिल्ली ।भारतीय थाली में रखा एक साधारण-सा प्याज, शरीर के लिए किसी मौन चिकित्सक की तरह काम करता है—धीरे, पर असरदार ढंग से। आयुर्वेद में इसे महाऔषधि का स्थान दिया गया है। यदि इसे भोजन के साथ संतुलित मात्रा में लिया जाए, तो यह शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को मजबूत बनाता है।

पाचन तंत्र के लिए वरदान

आयुर्वेद के अनुसार प्याज वात और कफ दोषों को शांत करने में सक्षम होता है। कच्चा प्याज रोजाना भोजन के साथ लेने से पाचन शक्ति बढ़ती है।

  • गैस
  • अपच
  • पेट फूलना
  • धीमी पाचन गति

इन सभी समस्याओं में प्याज स्वाभाविक राहत देता है। इसके रस में पाए जाने वाले एंज़ाइम भोजन को पचाने और आंतों की गति को संतुलित करने में मदद करते हैं।

त्वचा रोगों में प्रभावी

फोड़े-फुंसी, खुजली और एक्जिमा जैसी समस्याओं के लिए प्याज का रस और नीम के तेल का मिश्रण एक पुराना घरेलू उपचार है। इस मिश्रण को प्रभावित स्थान पर लगाने से सूजन और जलन कम होती है और त्वचा तेजी से ठीक होने लगती है।

बालों को मजबूत बनाने में सहायक

बालों की जड़ों को मजबूती देने में प्याज का रस बेहद कारगर माना गया है।

  • हेयर फॉल घटाता है
  • डैंड्रफ कम करता है
  • स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है

बहुत-से आयुर्वेदिक हेयर पैक्स में प्याज के रस को मुख्य घटक के रूप में शामिल किया जाता है। यह बालों की प्राकृतिक चमक बढ़ाने में भी मदद करता है।

यौन स्वास्थ्य में लाभकारी

आयुर्वेद में यौन दुर्बलता दूर करने के लिए प्याज को घी और शहद के साथ मिलाकर रात में लेने की सलाह दी जाती है। यह संयोजन शरीर में ऊर्जा, stamina और vitality बढ़ाता है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद

प्याज खून को पतला रखता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। इसके इस्तेमाल से—

  • कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है
  • धमनियों में जमा चर्बी कम होती है
  • हृदय पर दबाव कम होता है

इस वजह से यह हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है।

मधुमेह रोगियों के लिए सहायक

प्याज शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है। मधुमेह के मरीजों के लिए यह एक प्राकृतिक सपोर्ट की तरह काम करता है। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

सर्दी-जुकाम में आराम

प्याज बलगम निकालने और बंद नाक खोलने में असरदार है।
गर्मियों में इसे काला नमक या छाछ के साथ लेने से शरीर को ठंडक मिलती है।

घाव और सूजन में राहत

भुना हुआ प्याज फोड़े या घाव पर लगाने से संक्रमण और सूजन कम होती है। यह पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार आज भी ग्रामीण स्वास्थ्य पद्धतियों का हिस्सा है।

कैसे शामिल करें आहार में?

  • सलाद के रूप में
  • चाट और रायता में
  • सब्ज़ी या पराठे में
  • इसके रस को शहद या गुनगुने पानी के साथ

इन तरीकों से प्याज के औषधीय गुण और अधिक प्रभावी हो जाते हैं।

कौन सावधानी बरतें?

प्याज की गर्म तासीर होती है, इसलिए—

  • गर्भवती महिलाओं
  • पित्त प्रकृति वाले लोगों

को सीमित मात्रा में सेवन की सलाह दी जाती है। अधिक सेवन बदबूदार पसीना, मुंह की दुर्गंध और एसिडिटी बढ़ा सकता है।

प्याज सिर्फ एक सामान्य सब्ज़ी नहीं, बल्कि शरीर को भीतर से मजबूत बनाने वाली प्राकृतिक औषधि है। सदियों से इसका उपयोग पाचन, त्वचा, बालों, हृदय और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में किया जा रहा है। संतुलित सेवन से यह शरीर की संपूर्ण प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण योगदान देता है।

नितिन/वीबीटी न्यूज — 29 नवंबर 2025

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