मेड़ता सिटी। प्रेम, समर्पण और आस्था का प्रतीक करवा चौथ पर्व शहर में बड़ी धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने इस पावन अवसर पर अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए दिनभर निर्जला व्रत रखा। माहेश्वरी सेवा सदन में टाक परिवार की सुहागिनों ने सामूहिक रूप से उद्द्यापन की कथा का श्रवण किया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना संपन्न की।
शाम को महिलाओं ने सजधज कर सुहाग के पूर्ण श्रृंगार में मां गौरी और चंद्रमा की पूजा की। चांद निकलते ही उन्होंने चौथ माता की वंदना कर अपने पतियों की दीर्घायु की कामना की। पूरा माहौल भक्तिभाव और खुशियों से भरा रहा।
इस अवसर पर आकांक्षा टाक ने बताया कि “करवा चौथ हम सुहागिनों के लिए बेहद खास दिन होता है। यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि हमारे वैवाहिक जीवन के प्रति समर्पण और प्रेम का प्रतीक है। हम पूरे हर्षोल्लास से यह पर्व मनाते हैं और चौथ माता से अपने पतियों की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं।” उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि आज उनके लिए “दोहरी खुशियाँ” हैं, क्योंकि आज उनके पति धनराज टाक का जन्मदिन भी है। उन्होंने कहा कि “करवा चौथ और जन्मदिन का यह संगम मेरे जीवन का सबसे यादगार दिन बन गया है।”
पर्व के दौरान माहेश्वरी सेवा सदन में गीता देवी, श्यामा देवी, सोनी देवी, सुनीता टाक, मेना देवी, खुशबू टाक, रिंकू टाक, चांदनी टाक, आकांक्षा टाक, चिना टाक, पूर्णिमा टाक और नीलम टाक सहित परिवार की सभी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं परिवार के पुरुष सदस्य गौतम टाक, जुगराज टाक, मुकेश टाक, धनराज टाक, महेंद्र टाक और मनीष टाक भी उपस्थित रहे और महिलाओं के उत्साह को बढ़ाया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी नजर आईं। उनके हाथों में मेहंदी की सुंदर डिज़ाइन, माथे पर सिंदूर और सोलह श्रृंगार ने वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया। कथा वाचन के समय माहौल में धार्मिक संगीत और मंगल ध्वनियाँ गूंज उठीं।
करवा चौथ के इस पवित्र पर्व ने न सिर्फ पत्नियों और पतियों के बीच प्रेम को और गहरा किया, बल्कि समाज में एकता, आस्था और परंपरा की झलक भी पेश की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और शुभकामनाएँ दीं।
इस तरह मेड़ता सिटी में करवा चौथ का यह पर्व श्रद्धा, सौंदर्य और स्नेह के रंगों में पूरी तरह रमा रहा।
