राजसमंद। संसदीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को एक दूरदर्शिता पूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक उपखंड मुख्यालय पर केंद्रीय विद्यालय खोले जाते हैं, तो इससे न केवल क्षेत्र के होनहार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि अभिभावकों को भी शिक्षा को लेकर होने वाले तनाव से मुक्ति मिलेगी।
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर इस विषय को गंभीरता से उठाया। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र की विधानसभा नाथद्वारा, कुंभलगढ़, ब्यावर, जैतारण और डेगाना के उपखंड मुख्यालयों पर केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मांग को मजबूती के साथ रखा। सांसद ने कहा कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं, जो केंद्रीय विद्यालय जैसी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर, अनुशासित वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि ये विद्यालय स्थानीय स्तर पर खुलते हैं, तो विद्यार्थियों को दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और शिक्षा पर होने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
सांसद द्वारा भेजे गए पत्र के प्रत्युत्तर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सकारात्मक रुख अपनाया है। मंत्री ने सांसद को धन्यवाद देते हुए कहा कि उपखंड मुख्यालयों पर केंद्रीय विद्यालय खोलने से संबंधित प्रस्ताव को उचित कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्र सरकार के इस रुख का स्वागत करते हुए कहा कि यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो यह पूरे क्षेत्र के शैक्षिक परिदृश्य को बदलने वाला निर्णय साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगी।
क्षेत्र के अभिभावकों, शिक्षाविदों और छात्रों में भी इस संभावित निर्णय को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सभी को उम्मीद है कि केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
