नागौर | संवाददाता |नितिन सिंह
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को खींवसर में प्रस्तावित जिला अस्पताल भवन निर्माण को लेकर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक ली। इस बैठक में अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री गजेन्द्र सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खींवसर जिला अस्पताल का निर्माण जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के मॉडल पर आधारित होना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सभी आवश्यक चिकित्सा इकाइयों और विभागों की स्थापना मापदंडों के अनुसार की जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समग्र उपचार मिल सके।
मंत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि अस्पताल में स्टाफ की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी शहरी स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए आवश्यक संसाधनों और मानवबल की पूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मुकेश शर्मा को निर्देश दिए गए कि अस्पताल भवन का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मंत्री ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए, जो समय-समय पर निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करेगी।
बैठक के पश्चात मंत्री गजेन्द्र सिंह ने निर्माण स्थल का दौरा भी किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्लान) डॉ. रोमेल सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी, चीफ आर्किटेक्ट कपिल तिवारी, जिला अस्पताल खींवसर के पीएमओ डॉ. रामजीत टाक तथा एनएचएम नागौर के सहायक अभियंता नितिन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
खींवसर में बनने वाला यह आधुनिक जिला अस्पताल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का एक बड़ा केंद्र साबित होगा। इससे न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि उन्हें बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता भी कम होगी। सरकार की इस पहल को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
