नागौर/कोड ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम कोड में गुरुवार को चारभुजा मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें चारागाह विकास समिति का विधिवत गठन किया गया। यह समिति राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के नियम 170 (1) के अंतर्गत गठित की गई। बैठक की अध्यक्षता जेठाराम जाट ने की, जबकि बड़ी संख्या में ग्राम के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि चारागाह विकास समिति का अध्यक्ष संबंधित वार्ड पंच होता है तथा समिति के अन्य चार सदस्यों का निर्वाचन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य ग्राम के सामुदायिक संसाधनों का संरक्षण, संवर्धन और समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत चारागाह भूमि, ओरण, नदी-नाले, तालाब, आगौर क्षेत्र एवं अन्य शामलात संसाधनों की देखरेख की जाएगी।
समिति द्वारा ग्राम स्तर पर इन संसाधनों के विकास के लिए एक व्यवस्थित कार्य योजना तैयार की जाएगी, जिससे पशुपालकों और ग्रामीणों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके। समिति का कार्य क्षेत्र ग्राम कोड के राजस्व गांव की सीमा के भीतर रहेगा, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि शामलात संसाधनों से प्राप्त होने वाले लाभ का वितरण पूरे गांव की आपसी सहमति से तय किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद न हो और सभी ग्रामीणों को समान अवसर प्राप्त हो सके। इस निर्णय का उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया।
इस अवसर पर जेठाराम जाट के साथ मुरलीधर पारीक, हेमाराम बेनीवाल, भवानी सिंह, श्याम सुंदर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने चारागाह विकास समिति के गठन को ग्राम विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह पहल आने वाले समय में ग्राम के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
