संवाददाता/नितिन सिंह
नागौर जिले के लाडपुरा ग्राम में वर्षों से गोचर भूमि पर चले आ रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और बढ़ते आक्रोश के बीच गुरुवार को प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से करीब 100 बीघा गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया। इस कार्रवाई के बाद गांव में राहत और खुशी का माहौल देखने को मिला।

ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
लाडपुरा की गोचर भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे थे, जिसके कारण मवेशियों के लिए चराई भूमि की गंभीर कमी बन गई थी। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को शिकायतें सौंपीं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से नाराज़गी बढ़ती जा रही थी। बुधवार को ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से उपखंड अधिकारी रियांबड़ी को ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग रखी थी।
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश चौधरी ने बताया कि गांव में गोचर भूमि पर कब्जों के चलते पशुपालन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा था। कई बार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं मिलने पर ग्रामीणों को मजबूर होकर सामूहिक ज्ञापन देना पड़ा। इसके बाद ही प्रशासन सक्रिय हुआ और अगले ही दिन कार्रवाई शुरू करवाई गई।
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हटवाए कब्जे
नायब तहसीलदार भेरूंदा रामचंद्र ने जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार सुबह टीम ने गांव पहुंचकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों की सहायता से लगभग 100 बीघा भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि जिन खेतों में फसल खड़ी है, वहां के संबंधित किसानों को स्वयं फसल कटवाकर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे अधिकारी व ग्रामीण
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं—
- नायब तहसीलदार भेरूंदा रामचंद्र
- पटवारी शंकर लाल
- सरपंच जगाराम रावत
- आरआई चेनाराम
- पटवारी रामनिवास (आलनियावास)
- पटवारी राकेश गुर्जर
- समाजसेवी अजय रावत
- दिनेश चौधरी
- ग्राम सेवक सुमन
इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने इस कदम का स्वागत किया।

ग्रामीणों ने जताया संतोष
गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। उनका कहना है कि वर्षों से मवेशियों के लिए चराई भूमि की भारी समस्या थी, लेकिन अब काफी राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन का आभार जताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई समय पर होती रहेगी, ताकि सरकारी भूमि को बचाया जा सके।
