जसनगर (नागौर), 25 दिसंबर | संवाददाता: राजाराम पटेल
मेड़ता-जैतारण नेशनल हाईवे 458 पर गुरुवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसे में तीन वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। लांबिया गांव के पास तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे ट्रेलर ने बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लांबिया निवासी इरफान की तीन साल की पुत्री सड़क किनारे मौजूद थी, तभी मेड़ता की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उसे कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर फरार हो गया, हालांकि कुछ दूरी पर मुख्य बस स्टैंड के पास ट्रेलर खड़ा मिला, लेकिन चालक मौके से भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
स्पीड ब्रेकर नहीं होने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर पत्थर और कंटीली झाड़ियां डालकर नेशनल हाईवे 458 को जाम कर दिया। जाम के कारण करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। ग्रामीणों का कहना था कि लांबिया गांव के पास स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण वाहन तेज गति से गुजरते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया। इसी लापरवाही का नतीजा है कि आज एक मासूम बच्ची की जान चली गई।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की समझाइश
सूचना मिलने पर प्रशिक्षु डिप्टी जयपाल सिंह और कालू थाना अधिकारी राजदीपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में कांग्रेस जिला अध्यक्ष किशोर चौधरी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के जिला अध्यक्ष माधुराम कुड़िया, नायब तहसीलदार प्रहलाद राम, आरआई जगदीश बागड़ी, पटवारी जवरीलाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को न्याय दिलाने तथा आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। साथ ही, ग्रामीणों की मुख्य मांग को मानते हुए मौके पर ही स्पीड ब्रेकर निर्माण की सहमति दी गई।
स्पीड ब्रेकर की सहमति के बाद खुला जाम
प्रशासन की ओर से स्पीड ब्रेकर बनाए जाने के आश्वासन के बाद करीब दो से तीन घंटे बाद नेशनल हाईवे से जाम हटाया गया और यातायात बहाल हुआ। लांबिया चिकित्सालय में मोर्चरी सुविधा नहीं होने के कारण बच्ची के शव को आनंदपुर कालू अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मासूम बच्ची की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न सहना पड़े।
