November 30, 2025
Home » फेफड़ों की सफाई और क्षमता बढ़ाने में खट्टे फल फायदेमंद | हेल्थ रिपोर्ट

फेफड़ों की सफाई और क्षमता बढ़ाने में खट्टे फल फायदेमंद | हेल्थ रिपोर्ट

0
file_0000000068fc7208b98f94d8e41c6c3b

बड़े शहरों में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण का असर अब सिर्फ हवा की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंसानी सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, धुंध और जहरीले कणों के कारण फेफड़ों पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे सांस से जुड़ी बीमारियों में तेजी देखी जा रही है। खासतौर पर अस्थमा, एलर्जी, ब्रॉन्काइटिस, लगातार खांसी और सांस फूलने के मामलों में इजाफा दर्ज किया गया है। ऐसे माहौल में जरूरी है कि लोग अपनी रोजमर्रा की डाइट में ऐसे पोषक तत्व शामिल करें, जो फेफड़ों को अंदर से साफ करें और उन्हें मजबूत बनाएं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि विटामिन सी, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। ये पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और शरीर के अंदर जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।

खट्टे फलों से फेफड़ों को मिलता है प्राकृतिक डिटॉक्स

नींबू, संतरा, मौसमी और आंवला जैसे खट्टे फल विटामिन सी के बेहतरीन स्रोत हैं। यह पोषक तत्व फेफड़ों की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है और उन्हें डैमेज होने से बचाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना नींबू पानीआंवला जूस, या किसी भी खट्टे फल का सेवन फेफड़ों की सफाई में बेहद प्रभावी है। ये न केवल शरीर को हाइड्रेट रखते हैं, बल्कि अंदर जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां कम करती हैं सूजन

पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकोली में मौजूद फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों की कोशिकाओं की मरम्मत करने में मदद करते हैं।
डॉक्टर्स के अनुसार, नियमित रूप से इन सब्जियों का सेवन करने से:

  • सांस लेने में दिक्कत कम होती है
  • सूजन नियंत्रित रहती है
  • फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है

स्मॉग के मौसम में ऐसी सब्जियां शरीर को अतिरिक्त पोषण देकर श्वसन तंत्र की सुरक्षा करती हैं।

लहसुन और अदरक—प्राकृतिक औषधि

लहसुन में पाया जाने वाला एलिसिन और अदरक में मौजूद जिंजरॉल फेफड़ों में सूजन और इंफेक्शन को कम करने में सहायक होते हैं।
सूप, काढ़ा या रोजमर्रा की सब्जियों में इनका इस्तेमाल करने से:

  • बलगम कम होता है
  • सांस का रास्ता साफ रहता है
  • संक्रमण का खतरा घटता है

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संयोजन प्रदूषण के असर को काफी हद तक कम कर सकता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड बढ़ाता है फेफड़ों की क्षमता

सालमन, टूना जैसी मछलियों के अलावा अखरोट और अलसी के बीज ओमेगा-3 के बड़े स्रोत हैं।
शाकाहारी लोग आसानी से अखरोट या अलसी को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जिससे फेफड़ों की सूजन कम होती है और सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है।

हल्दी, हर्बल टी और ग्रीन टी देती हैं अंदरूनी सुरक्षा

हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन फेफड़ों के टिशूज़ को हील करता है और संक्रमण के खतरे को कम करता है।
रात में हल्दी वाला दूध पीना विशेष रूप से फेफड़ों के लिए लाभकारी माना जाता है।
इसके साथ ही हर्बल टी और ग्रीन टी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मददगार होती हैं।


नितिन सिंह / वीबीटी न्यूज
22 नवंबर 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *