NAGAUR: Maharaja Surajmal Statue Controversy:Jodhiyasi Tension: Surajmal Statue Controversy पर धारा 163 लागू
नागौर जिले के जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुका है। देर रात चोरी-छिपे प्रतिमा लगाने के बाद गांव में तनाव भड़क गया था। इस घटना के बाद मंगलवार से लगातार दोनों पक्षों में झड़प, पथराव और गंभीर तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन ने गांव में धारा 163 दो महीने के लिए लागू कर दी है। यानी अब गांव में जुलूस, प्रदर्शन, हथियार रखने से लेकर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल तक सख्त प्रतिबंध रहेगा।
दो महीने के लिए धारा 163 लागू – अब बिना अनुमति पांच से अधिक लोग नहीं जुट सकेंगे

SDM द्वारा जारी आदेश के अनुसार जोधियासी गांव में अगले 60 दिनों तक निम्न प्रतिबंध लागू रहेंगे:
5 से अधिक लोगों का एक साथ इकट्ठा होना बैन
जुलूस, रैली या सभा पर पूरी रोक
धार्मिक या राजनीतिक आयोजन बिना अनुमति प्रतिबंधित
किसी भी प्रकार के हथियार सार्वजनिक स्थल पर ले जाना गैरकानूनी
लाउडस्पीकर, DJ, माइक सिस्टम पूरी तरह प्रतिबंधित
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट/वीडियो डालना दंडनीय अपराध
यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ BNS 2023 की धारा 223 के तहत सीधी गिरफ्तारी की जाएगी।
एसडीएम ने साफ किया कि यह प्रतिबंध आम नागरिकों, युवाओं व भीड़ प्रबंधन के लिए है। पुलिस, सुरक्षा बल व प्रशासनिक अधिकारी इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध — चाकू, तलवार, लाठी तक नहीं ले जा सकेंगे
जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति निम्न हथियारों के साथ सार्वजनिक स्थल पर दिखाई देता है, तो उसके खिलाफ तुरंत BNS के तहत कार्रवाई होगी:
तलवार,भाला,चाकू,लाठी-डंडा,रिवॉल्वर, पिस्तौल,बंदूक,कृपाण, किरच,
अन्य धारदार हथियार
गांव में पुलिस द्वारा गश्त बढ़ा दी गई है और मुख्य चौराहों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
विवाद की जड़ क्या है? कैसे भड़की हिंसा?
जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की प्रतिमा को लेकर पिछले कई महीनों से दो गुटों में मतभेद चल रहा था। एक गुट प्रतिमा को विवादित बस स्टैंड चौराहे पर स्थापित करना चाहता था, जबकि दूसरा गुट कह रहा था कि:
> “हमें महाराजा सूरजमल की प्रतिमा से नहीं, लेकिन इसे सार्वजनिक स्थान पर लगाने से आपत्ति है। इसे किसी और जगह स्थापित किया जाए।”
मंगलवार रात एक पक्ष ने अचानक रात 1 बजे चोरी-छिपे प्रतिमा लगा दी। इसके बाद सुबह ग्रामीणों का एक बड़ा समूह मौके पर पहुंचा और विरोध शुरू कर दिया। फिर दोनों पक्षों में झड़प, पत्थरबाजी और भारी तनाव फैल गया।
– 9 थानों की पुलिस, RAC-QRT की तैनाती, लाठीचार्ज भी किया गया
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ:
🔹 9 थानों का पुलिस बल मौके पर भेजा गया
🔹 RAC (राजस्थान सशस्त्र बल) की कंपनियां तैनात
🔹 QRT (त्वरित प्रतिक्रिया टीम) मौके पर मौजूद
🔹 हालात काबू में करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया गया
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं। ग्रामीणों के दोनों पक्षों से लगातार बातचीत भी की जा रही है।
प्रशासन की अपील — अफवाहों से बचें, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट न करें
प्रशासन ने गांव के हर वार्ड में अधिकारियों को भेजकर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही चेतावनी भी दी गई है:
“कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाता है, भड़काऊ पोस्ट करता है या माहौल खराब करने की कोशिश करता है—
सीधी गिरफ्तारी की जाएगी।”
पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी 24 घंटे की जा रही है।
