जयपुर, 14 जनवरी। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जयपुर में स्थित ऐतिहासिक जल महल की पाल पर आयोजित राज्य स्तरीय पतंग उत्सव का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने विधिवत उद्घाटन कर स्वयं पतंग उड़ाई और मकर संक्रांति की पारंपरिक खुशियों में सहभागिता निभाई। मुख्यमंत्री के साथ आमजन, देशी-विदेशी पर्यटक और लोक कलाकारों की मौजूदगी ने उत्सव को और भी रंगीन बना दिया।

मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर आधारित विशेष पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी रचनात्मक थीम न केवल समसामयिक सामाजिक चेतना को दर्शाती हैं, बल्कि युवाओं और कलाकारों को नए विचारों से जोड़ती हैं। लोक कलाकारों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की।

प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत, भाईचारे और उल्लास का प्रतीक है। पतंग महोत्सव जैसे आयोजन लोक संस्कृति, कला और रचनात्मकता को मजबूती देने के साथ-साथ पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। जयपुर जैसे ऐतिहासिक शहर में जल महल की पृष्ठभूमि में आयोजित यह उत्सव राजस्थान की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ करता है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इस वर्ष राज्य के सातों संभाग स्तर के साथ-साथ जैसलमेर एवं माउंट आबू में भी पतंग उत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जल महल की पाल पर आयोजित उत्सव में रंग-बिरंगी पतंगें, पारंपरिक संगीत, लोक नृत्य और उत्साही भीड़ का अद्भुत संगम देखने को मिला। खुले आसमान में लहराती पतंगों ने शहर को उत्सवमय रंगों से भर दिया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणी रियाड़ सहित अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, देशी-विदेशी पर्यटक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल मकर संक्रांति के उल्लास को दर्शाता है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को भी उजागर करता है।
