संवाददाता / डी. डी. चारण / मेड़ता सिटी:
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा जारी एक्शन प्लान के अंतर्गत तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अरुण कुमार बेरीवाल (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के निर्देशन में बुधवार को रोला चांदावता स्थित खुडखुडियों की ढाणी में मानवाधिकार दिवस एवं “न्याय आपके द्वार” अभियान के तहत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति शर्मा ने किया।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 10 दिसम्बर को विश्वभर में मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। मानवाधिकार केवल किसी कानून या दस्तावेज़ तक सीमित नहीं, बल्कि जन्म से मिलने वाले वे मूल अधिकार हैं जो जीवन, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का उद्देश्य समाज में असमानता, दुव्र्यवहार और भेदभाव को रोकना तथा कमजोर वर्गों को संरक्षण प्रदान करना है।
स्वाति शर्मा ने संविधान में वर्णित मूल अधिकारों—समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक अधिकार तथा संवैधानिक उपचारों के अधिकार—की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग की शक्तियों, कार्यप्रणाली और शिकायत निवारण प्रणाली के बारे में भी ग्रामीणों को अवगत कराया।
इसके पश्चात बलराम बेड़ा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की अंतिम एवं चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 21 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। इस लोक अदालत में आपराधिक राजीनामा योग्य प्रकरण, सिविल मामले, प्री-लिटिगेशन विवाद, चेक बाउंस के केस, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, बिजली-पानी-टेलीफोन से जुड़े मामले, पेंशन संबंधी मुद्दे तथा विभिन्न राजस्व प्रकरणों (जैसे नामांतरण, सीमांकन, रास्ता विवाद) का निस्तारण आपसी सहमति से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित, सस्ता और सरल समाधान उपलब्ध कराना है। इसमें निर्णय दोनों पक्षों की सहमति से होते हैं और आदेश अंतिम, बाध्यकारी एवं चुनौती रहित होते हैं।
बेड़ा ने राजस्थान राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (रालसा) के विशेष राज्यव्यापी अभियान “न्याय आपके द्वार” की भी जानकारी दी। यह अभियान 10 नवम्बर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों की लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से करना है। उन्होंने बताया कि लोक उपयोगिता सेवाओं में यातायात, सड़क, जल एवं वायु परिवहन, डाक एवं दूरसंचार, बिजली-पानी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अस्पताल-डिस्पेंसरी, बीमा, बैंकिंग, एलपीजी, शिक्षा, आवास व भूमि संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने मानवाधिकार, कानूनी सहायता, राजस्व विवाद और लोक अदालत प्रक्रिया से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल भाषा में समाधान बताया। कार्यक्रम में रामकरण चोयल (सहायक प्रशासनिक अधिकारी), सुजाराम, शिंभुराम, सत्यनारायण, नेमाराम, रामूराम, कालूराम, श्रवणराम, चेनाराम, दलाराम, रामलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज/10 दिसंबर 2025
