थांवला कस्बे के किसान चौराहे पर स्थित मंगलम आईटीआई कॉलेज में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कौशल सप्ताह के अंतर्गत विभागीय निर्देशानुसार एकदिवसीय कौशल प्रदर्शनी का आयोजन संस्थान परिसर में किया गया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों में तकनीकी दक्षता, नवाचार और व्यावहारिक ज्ञान को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में संस्थान के सभी ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी तकनीकी समझ का प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न तकनीकी एवं कौशल आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। इनमें विद्युत उत्पादन एवं वितरण प्रणाली, इलेक्ट्रिक क्रेन, हॉस्टल वायरिंग, गोदाम वायरिंग, सीढ़ियों की वायरिंग, विंड पावर प्लांट, वाटर लेवल इंडिकेटर, सोलर प्लांट, इलेक्ट्रिक शॉक मशीन, इलेक्ट्रिक एक्सीलरेटर, ऑटोमेटिक रोड लाइट, वाटर फिल्टर प्लांट, बायोगैस प्लांट, होम सेफ्टी अलार्म, टेस्ट लैंप, न्यूक्लियर पावर प्लांट, कार्बाइड गन, इलेक्ट्रिक बेल, प्लैनेट मॉडल, जनरेटर, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, इनवर्टर सर्किट, चंद्रयान लॉन्चिंग मॉडल सहित अनेक शैक्षणिक व जागरूकता से जुड़े पोस्टर शामिल रहे। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सुरक्षा उपायों और आधुनिक तकनीक की उपयोगिता को सरल भाषा में समझाया।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए आसपास के क्षेत्रवासियों के साथ-साथ मंगलम पब्लिक स्कूल, गुरुकुल बाल निकेतन, वर्धमान विद्या मंदिर सहित अनेक स्थानीय स्कूलों के विद्यार्थी अपने स्टाफ सदस्यों के साथ पहुंचे। विद्यार्थियों ने प्रदर्शित मॉडलों को नजदीक से देखा, उनके कार्य करने की प्रक्रिया को समझा और प्रशिक्षणार्थियों से सवाल-जवाब कर तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया। इससे स्कूली विद्यार्थियों में भी तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ती दिखाई दी।

प्रदर्शनी के दौरान उपस्थित अभिभावकों, अतिथियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य इंजीनियर भगवती प्रसाद ने “सेफ्टी फर्स्ट” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्युत एवं तकनीकी कार्यों में सुरक्षा उपायों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ सुरक्षा का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षित कार्य पद्धतियां ही एक कुशल तकनीशियन की पहचान होती हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के स्टाफ सदस्यों ज्योति कुमावत, सोहनलाल कुमावत, सीताराम सैनी, देवेंद्र कुमार शर्मा, प्रियंका मौर्या सहित अन्य कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। अंत में संस्थान प्रबंधन ने सभी आगंतुकों, विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने की बात कही।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
