जुगल दायमा की रिपोर्ट
थांवला।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बचाने और केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान” के तहत ग्राम निम्बोला बिस्वा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक धरना दिया। धरने का नेतृत्व डेगाना विधानसभा प्रभारी हरिराम जाट ने किया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शोभा देवी, मंडल अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह बनवाड़ा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी हरिराम जाट ने कहा कि मोदी सरकार गरीब, मजदूर और किसान हितैषी मनरेगा योजना को कमजोर करने और धीरे-धीरे बंद करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने योजना में जानबूझकर ऐसे कठोर नियम, शर्तें और तकनीकी बाधाएं लागू कर दी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन भाजपा सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है।
हरिराम जाट ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी देशभर में मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान के माध्यम से आम जनता को जागरूक कर रही है और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के साथ अन्याय जारी रहा, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष तेज करेंगे।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शोभा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। इस योजना से लाखों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे बदलकर राज्यों पर 40 प्रतिशत योगदान डाल दिया है। इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है और योजना का प्रभाव कमजोर हो रहा है। परिणामस्वरूप मजदूरों को न तो समय पर रोजगार मिल रहा है और न ही उनकी मजदूरी का भुगतान समय से हो पा रहा है।
मंडल अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह बनवाड़ा ने कहा कि मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी मजदूरों और ग्रामीणों की आवाज बनकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां स्पष्ट रूप से मजदूर विरोधी हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीबों, किसानों और श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ती आई है।
धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा योजना को मजबूत करने, बजट बढ़ाने तथा मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी देने की मांग की। इस अवसर पर रामस्वरूप बिश्नोई, हरीराम बाना, हजारी गुर्जर, भंवरलाल फौजी, धनराज बिस्सू, उगराराम, राजूराम सेवदा, धर्माराम बिस्सू, सदीक लुहार, फकीरचंद, भंवरलाल, मदन प्रजापत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीणजन उपस्थित रहे ।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
