नागौर जिले के डोडियाना गांव ने शनिवार को एक होनहार, संस्कारी और सेवाभावी युवा को खो दिया। समाजसेवी स्वर्गीय रूपाराम प्रजापत के बड़े पौत्र संदीप कुमार प्रजापत (24) का शनिवार को अचानक हार्ट अटैक से असामयिक निधन हो गया। संदीप की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत अजमेर स्थित जे.एल.एन. अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। युवा अवस्था में हुए इस दुखद निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार के बड़े पिताजी गिरधारी लाल प्रजापत ने जानकारी देते हुए बताया कि संदीप कुमार एक योग शिक्षक थे और अपने शांत स्वभाव, मिलनसार व्यवहार एवं उच्च व्यक्तित्व के कारण समाज में विशेष पहचान रखते थे। वे अपने माता-पिता के आज्ञाकारी पुत्र होने के साथ-साथ समाज के प्रति भी संवेदनशील और जिम्मेदार युवक थे। संदीप अपने पिता घनश्याम प्रजापत, माता, दो भाइयों एवं एक बहन में सबसे बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे थे।
संदीप कुमार का जीवन भले ही अल्पकालिक रहा हो, लेकिन उनके द्वारा लिया गया एक निर्णय उन्हें हमेशा अमर बना गया। उन्होंने जीवन रहते ही नेत्रदान की घोषणा कर रखी थी। निधन के पश्चात उनके इस संकल्प को परिजनों ने पूर्ण करते हुए नेत्रदान करवाया। संदीप के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को नई रोशनी मिल सकेगी। यह कार्य न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है कि मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला फैलाया जा सकता है।
नेत्रदान की इस पुण्य पहल पर गांव व आसपास के क्षेत्रों में संदीप और उनके परिवार की सराहना की जा रही है। समाजजनों का कहना है कि संदीप जैसे युवाओं से ही समाज को सही दिशा मिलती है। कम उम्र में भी उन्होंने जो सोच और संवेदनशीलता दिखाई, वह आज के युवाओं के लिए अनुकरणीय है।
संदीप कुमार के निधन के बाद डोडियाना गांव में शोक का माहौल है। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, समाजजन और परिचित उपस्थित रहे। हर आंख नम थी और हर जुबां पर संदीप की सरलता, संस्कार और सेवाभाव की चर्चा थी। लोगों ने उन्हें एक होशियार, अनुशासित और समाजसेवा के प्रति समर्पित युवा बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों का कहना है कि संदीप भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा किया गया नेत्रदान उन्हें हमेशा जीवित रखेगा। उनका यह कार्य आने वाली पीढ़ियों को भी मानवता और परोपकार का संदेश देता रहेगा। संदीप कुमार प्रजापत का जीवन और उनके द्वारा किया गया यह पुण्य कार्य सदैव स्मरणीय रहेगा।
नितिन सिंह/वीबीटी न्यूज
