जयपुर, 30 अक्टूबर (Vaibhav Time News):
गोपाष्टमी के पावन पर्व पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर सपत्नीक विधिवत गौ-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, कल्याण और पर्यावरण संतुलन की कामना की। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधि से गौमाता का पूजन किया, उन्हें तिलक लगाकर पुष्प अर्पित किए, माला पहनाई और गुड़-चारा खिलाकर वस्त्र अर्पित किए।

मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित इस धार्मिक अवसर पर भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंत्रोच्चार और वैदिक रीति से संपन्न हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी भी शामिल रहीं। गौपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोपाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी से गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति के पालन की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
🌿 “गोपाष्टमी हमारी संस्कृति की अमर धरोहर है” — मुख्यमंत्री शर्मा
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि “गोपाष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी भारतीय और सनातन संस्कृति की अमर धरोहर है। यह पर्व हमें गौमाता के प्रति सेवा, आदर और संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है।”
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार गौसंवर्धन, गौशालाओं के उन्नयन और गौपालकों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर स्तर पर गौपालन को आत्मनिर्भर आजीविका का माध्यम बनाया जा सके, ताकि परंपरा और प्रगति दोनों का संगम हो सके।
🐄 गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का आह्वान
श्री शर्मा ने आमजन से गौसेवा, संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि “गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। गौसेवा करने से न केवल पुण्य मिलता है बल्कि यह समाज में करुणा, प्रेम और संतुलन की भावना भी उत्पन्न करती है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और बीमार या बेसहारा गौवंश की देखभाल के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान गौसंवर्धन में आदर्श राज्य के रूप में पहचाना जाए।
🌸 प्रदेशभर में गोपाष्टमी पर श्रद्धा का माहौल
गोपाष्टमी के अवसर पर पूरे प्रदेश में गौशालाओं, मंदिरों और ग्रामीण इलाकों में विशेष पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भक्तों ने गौमाता को स्नान कराया, सजाया और पूजन के बाद प्रसाद वितरित किया। बच्चों और महिलाओं में पर्व के प्रति विशेष उत्साह देखा गया।

इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे गौसेवा को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और आने वाली पीढ़ियों को भी भारतीय संस्कृति की इस धरोहर से जोड़ें।
